पुनर्योजी कृषि (रीजनरेटिव एग्रीकल्चर ) के महत्वता पर वार्ता
उदयपुर। आज दिनांक 23 फरवरी 2026 को विज्ञान समिति के प्रबुद्ध चिंतन प्रकोष्ठ के अंतर्गत 129वीं वार्ता सम्पन्न हुई। आज की वार्ता पुनर्योजी कृषि एवं कार्बन सिक्वेस्ट्रेशन पर एम पी यू ए टी के पूर्व निदेशक (अनुसंधान) डॉ. जी.एस. आमेटा ने दी। डॉ आमेट ने इस वार्ता में भारत में कृषि योग्य भूमि के निरन्तर निम्नीकरण और बढ़ते हुए वायु प्रदूषण तथा जलवायु परिवर्तन पर विचार व्यक्त किये। निरन्तर कृषि दोहन तथा मिट्टी में घटते कार्बन तत्व की वजह से देश में लगभग 29 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि खराब हो चुकी है। इन परिस्थितियों में कृषि को पुनर्जीवित करने की…
