उदयपुर, 6 फरवरी। माघ पूर्णिमा के मौके पर सोलह कलाओं से युक्त पूर्ण चंद्रमा का आकर्षक नज़ारा उदयपुर में विभिन्न कलाओं के आश्रय स्थल लोक कला मंडल के प्रवेशद्वार पर स्थित गुंबद पर जब आया तो यह आकर्षक नज़ारा बना। इस बेनज़ीर नज़ारे को क्लिक किया है उभरते वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर जय शर्मा ने।
ये होती हैं चन्द्रमा की सोलह कला:
अमृत, मनदा, पुष्प, पुष्टि, तुष्टि, ध्रुति, शाशनी, चंद्रिका, कांति, ज्योत्सना, श्री, प्रीति, अंगदा, पूर्ण और पूर्णामृत। इसी को प्रतिपदा, दूज, एकादशी, पूर्णिमा आदि भी कहा जाता है। यह चंद्रमा के प्रकाश की 16 अवस्थाएं हैं। चंद्र की इन सोलह अवस्थाओं से 16 कला का चलन हुआ।
लोक कला मंडल के गुंबद पर सोलह कला को प्राप्त पूर्ण चंद्रमा
