अशोक नगर जैन मंदिर में गाजे-बाजे से निकली श्रीजी की रजत पालकी, दश लक्षण पर्व का हुआ समापन

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर, 2 अक्टूबर। दश लक्षण पर्व के समापन अवसर पर शुक्रवार को श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, उदासीन आश्रम, अशोक नगर से श्रीजी की भव्य शोभायात्रा एवं रजत पालकी निकाली गई। गाजे-बाजे, धार्मिक धुनों और भगवान श्रीजी के जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ सहभागिता की। शोभायात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष महेंद्र टाया एवं उपाध्यक्ष प्रमोद ठोलिया ने बताया कि शोभायात्रा प्रात: 8 बजे उदासीन आश्रम स्थित अशोक नगर जैन मंदिर से रवाना हुई। श्रीजी की पालकी नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुन: मंदिर पहुंची। शोभायात्रा नगर निगम निवास, रोड नंबर 2, नाकोड़ा ज्योतिष, रोड नंबर 10, कांच मंदिर, माया मिष्ठान एवं सुख सागर पैलेस रोड से होकर गुजरी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का स्वागत किया।

मुनिश्री के प्रवचनों से मिला धर्म और आत्मकल्याण का संदेश
शोभायात्रा के पश्चात प्रात: 9 बजे मुनिश्री के प्रवचन हुए। मुनिश्री ने धर्म, संयम, आत्मचिंतन एवं आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए दश लक्षण पर्व की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रवचन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
– महापौर सिंघवी एवं जिलाध्यक्ष राठौड़ का किया सम्मान
इस अवसर पर महापौर पारस सिंघवी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, क्षेत्रीय पार्षद विजय आहूजा एवं पार्षद वैभव भंडारी का जैन समाज की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। अतिथियों का शॉल एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।

विधि-विधान से हुआ ध्वजा परिवर्तन
इसके बाद प्रात: 10 बजे मंदिर परिसर में ध्वजा परिवर्तन का धार्मिक कार्यक्रम विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। ध्वजा परिवर्तन के पुण्यार्जक परिवारों में भरत जैन, कल्पना जैन, दिनेश डुंगरिया, महावीर अग्रवाल, प्रकाशचंद्र ज्योति अखावत, प्रबोध जैन, निर्मला जैन, राकेश जैन, लता जैन, सारक्षी जैन एवं भव्यांश जैन रहे। कार्यक्रम के समापन पर प्रात: 11.15 बजे स्वामी वात्सल्य का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

एक जैसी वेशभूषा में शामिल हुए श्रद्धालु
शोभायात्रा में पुरुष मंदिर की निर्धारित वेशभूषा में तथा महिलाएं मंडल की साड़ी में शामिल हुईं। वहीं श्रीजी की पालकी उठाने वाले श्रद्धालु धोती-दुपट्टा की निर्धारित वेशभूषा में नजर आए। श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति से पूरा मार्ग धर्ममय दिखाई दिया। धर्म प्रभावना समिति के महामंत्री प्रकाश अखावत एवं मीडिया प्रभारी रमेश वैद ने बताया कि चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मुनिश्री के प्रवचन एवं धार्मिक आयोजनों में सहभागिता कर रहे हैं। दश लक्षण पर्व के समापन पर आयोजित इस आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया।
आयोजन में पंडित विद्वान डॉ. सुमत कुमार जैन, विद्वान राजवीर शास्त्री, महेंद्र टाया, प्रकाश अखावत, रमेश वैद, कैलाश गंगवाल, सुमत प्रकाश बालावत, प्रमोद ठोलिया, नरेंद्र टाया, जगदीश जैन, मनोज कमावत, पंकज ठाकुर्डिया, राजेश गंगवाल, डॉ. प्रेमचंद, हेमंत बोहरा, दिनेश डवारा, अभिषेक जैन, चंद्रेश जैन, डॉ. गौरव, डॉ. वैभव, उजाला ठाकुर्डिया, शालु जैन, नेहा जैन, जिनेंद्र गंगावत, राहुल, महावीर टीमरवा, मनीष गोदावत, अशोक डवारा, जिनेंद्र मेडिस्टेंड, जितेंद्र, अजीत आवोत एवं अनिल मेहता सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। महिलाओं में अर्चना पटवारी, सर्वेश जैन, प्रभा टाया, इंदिरा डवारा, कल्पना गांगावत, नीता गांगावत, मंजू शाह, सरोज बोहरा, संगीता डवारा, संपत गणपतोत, सीमा कमावत, सावित्री टाया, कीर्ति एवं संगीता भारती सहित बड़ी संख्या में श्राविकाएं उपस्थित रहीं।

By Udaipurviews

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