-स्मार्ट सिटी के 17 वार्डों में कभी भी बड़े हादसे की आशंका
-राजेश वर्मा
उदयपुर, 6 दिसम्बर। शहर के वॉल सिटी में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गली गली बिछाई गई सीवरेज लाइन भविष्य में कभी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। इंजीनियरों की अनदेखी का नतीजा रहा कि पूरी सीवरेज लाइन में कहीं भी वेंटीलेशन पाइप नहीं लगाई गई। इससे सीवरेज लाइन में तापमान बढ़ने से रसायनिक क्रिया के चलते बनने वाली जहरीली गैस बाहर निकलने के लिए कभी भी विस्फोट कर सकती है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत केंद्र सरकार द्वारा उदयपुर शहर को मिले करीब 1200 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि से वॉल सिटी में सुविधाएं बढ़ाने पर काम शुरू किया गया। इसमें वॉल सिटी के 17 वार्डों का चयन किया गया। यह 17 वार्ड घनी आबादी क्षेत्र है। इसमें सभी घर आपस में सटे हुए हैं तो सड़कें न होकर गलियां ही गलियां है। इनकी चौड़ाई भी अधिकतम 10-12 फीट है। इन्हीं गलियों में सीवरेज की लाइनें बिछाई गई। यह सारा काम एल एन टी कंपनी द्वारा कराया गया। निगरानी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और नगर निगम के अधिकारियों द्वारा की गई। सीवरेज लाइन को वॉलसिटी के प्रत्येक घर के रसोईघर और शोचालय को पाइप से जोड़ा गया। सीवरेज लाइन का काम पूरा होने तक इंजीनियरों द्वारा पूरी तरह से वेंटीलेशन की अनदेखी की गई। यही लापरवाही भविष्य के लिए बड़ी और गंभीर समस्या बन सकती है। इस आशंकाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।
कभी भी दबाव से सीवरेज लाइन में हो सकता है विस्फोट
विशेषज्ञों का कहना है कि भीतरी शहर की गलियों में बिछाई गई सीवरेज लाइन में बदबूदार व जहरीली गैसों के निष्कासन के लिए कहीं भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। मल-मूत्र की गैसों के दबाव से सीवरेज पाइप भविष्य में कभी भी विस्फोट के साथ फटकर गंभीर हादसा हो सकता है। सीवरेज पाइप के ज्वाइन्ट खुलकर भूमिगत जल को दूषित करेंगे। पूर्व में गड़िया देवरा के पास मंदिर के बाहर रिसाव होने पर नगर निगम के अग्निशमन विभाग द्वारा ड्राई केमीकल फोम व रात-दिन काम कर सीवरेज मेन होल को बंद कर गैसों पर नियंत्रण किया गया था।
ट्यूबवेल में आ रहा बदबूदार जल
झील विकास प्राधिकरण के सदस्य तेजशंकर पालीवाल ने बताया कि सीवरेज लाइन के ज्वाइंट में लीकेज होने से आज कुछ लोगों को ट्यूबवेल में बदबूदार जल आ रहा है। कुछ जगह सड़क मार्ग पर खुले में बदबू भी आ रही है। वेंटीलेशन नहीं होने से अन्य कई प्रकार की परेशानी आ सकती है। नगर निगम प्रशासन को वेंटीलेशन पाइप के उपाय अतिशीघ्र करने चाहिए।
पुरानी लाइन में लगाए थे वेंटीलेशन पाइप
शहर में करीब दो दशक पहले पिछोला झील, रंग सागर और स्वरुप सागर के भीतर से बिछाई गई सीवरेज लाइन में जहरीली गैस की निकासी के लिए बाकायदा वेंटीलेशन पाइप लगाए गए थे जो आज भी पिछोला में दिखाई दे रही पुरानी लाइन पर लगी देखी जा सकती है।
