खाद्य प्रसंस्करण से कृषि की हर चिंता का समाधान संभव – केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान
बलीचा मंडी स्थित फल मंडी में खुली अत्याधुनिक सुविधा, मसालों की ग्राइंडिंग यूनिट भी होगी संचालित
उदयपुर, 20 जनवरी। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने मंगलवार को बलीचा उदयपुर में 3 करोड़ 44 लाख की लागत से निर्मित राजस्थान के पहले जामुन, सीताफल व आंवला प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण किया।
कृषि उपज मंडी समिति परिसर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी प्रसंस्करण के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे खाद्य पदार्थों व उत्पादों की पहचान मजबूती से बना सके इसके लिए इंक्यूबेशन सेंटर बनाए जा रहे हैं। प्रसंस्करण के माध्यम से कृषि से जुड़ी हमारी जितनी भी चिंताएं हैं उनका समाधान संभव है। श्री पासवान ने कहा कि प्रसंस्करण से किसानों की आर्थिक मदद के साथ किसानों के पास होल्डिंग कैपेसिटी आती है और उचित दाम मिलने पर वे अपने उत्पाद को बाजार में ले जा सकते हैं और गुणवत्ता को भी बढ़ा सकते हैं। इसी सोच के साथ केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएम-एफएमई) जैसी योजनाएं शुरू की है।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा किसानों को मिले ताकि देशभर में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को हम स्थापित कर सकें। ज्यादा से ज्यादा लोग इस इनक्यूबेशन सेंटर का लाभ लें। 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य तभी साकार होगा जब देश का हर राज्य, हर जिला, हर पंचायत, हर गांव विकसित होगा।
लाभार्थियों ने साझा की अपनी सफलता की कहानी-
पीएम-एफएमई योजना के लाभार्थियों की ओर से मिलेट्स, आइसक्रीम, जामुन बाइट्स सहित अन्य उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर लाभार्थियों से संवाद भी किया। इस दौरान ष्गो प्योर नेचुरल आइसक्रीमष् के दिव्यांश ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत 17 लाख का लोन लिया था, जिसमें 7 लाख की सब्सिडी मिली। इस राशि से उन्होंने मशीन लगाई। आज उनकी बनाई आइसक्रीम एक स्थापित ब्रांड बन चुकी है। केंद्रीय मंत्री श्री पासवान ने कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर के विभिन्न इकाइयों का अवलोकन भी किया।
केंद्रीय मंत्री ने लगाया एक पेड़ मां के नाम
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत केंद्रीय मंत्री श्री पासवान ने इनक्यूबेशन सेंटर परिसर में पौधारोपण भी किया। इस दौरान उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़, पूर्व उप महापौर पारस सिंघवी, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय सचिव अविनाश जोशी, संयुक्त सचिव देवेश देवल, उदयपुर अनाज मंडी अध्यक्ष राजकुमार चित्तौड़ा, फल सब्जी व्यापार संघ अध्यक्ष मुकेश खिलवानी सहित अन्य कृषक, व्यापारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
छोटे व्यापारियों और किसानों को मिलेगा लाभ-
निदेशक कृषि विपणन विभाग राजेश कुमार चौहान ने बताया कि जिले के छोटे व्यापारियों, किसानों, स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक समूहों को उत्पादों को प्रसंस्कृत करने में सहयोग मिलेगा। यह इनक्यूबेशन सेंटर 3 करोड़ 44 लाख की लागत से बना है। इसमें इसमें फ्रूट पल्प एवं जूस, मसाला क्लीनिंग, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और मसाला पेस्ट की प्रसंस्करण इकाई तथा एक फूड टेस्टिंग लैब स्थापित की गई है। यहां सीताफल, जामुन, आंवला के साथ मसालों का भी प्रसंस्करण व मूल्यवर्धन होगा। ऐसे लोग जो स्वयं की खाद्य इकाई लगाने में समर्थ नहीं है उन लोगों को सीधे तौर पर कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर से लाभ मिलेगा। उदयपुर में यह राज्य का चौथा इनक्यूबेशन सेंटर है। राजस्थान में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 शहरों में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जा रहे हैं। प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर के संचालन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे अभिषेक गुप्ता ने बताया कि यह केवल उदयपुर का ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान का पहला ऐसा फ्रूट प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर है। यह पहल राज्य को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि इस प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से स्थानीय स्तर पर फलों की प्रोसेसिंग संभव होगी, जिससे किसानों को बेहतर दाम, रोज़गार के नए अवसर और एफबीओे को गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल उपलब्ध होगा। यह इकाई “लोकल से वोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” की सोच को मज़बूती देगी।
