पांच दिवसीय महोत्सव की शुरूआत 18 से, 22 की शाम गणगौर घाट पर महाप्रसादी
उदयपुर। पीछोला झील किनारे गणगौर घाट के नजदीक गडिया देवरा पर ऐतिहासिक श्री राम दरबार व राधा कृष्ण मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर 22 अप्रेल को आयोजित होगा। जिसका आयोजन श्रीदाईजी जोधसिंहजी चैरिटेबल ट्रस्ट के सानिध्य में कराया जाना है। पांच दिवसीय कार्यक्रम की शुरूआत 18 अप्रेल को विशाल भजन संध्या से होगी और प्राण प्रतिष्ठा के बाद 22 अप्रेल की सायं गणगौर घाट पर महाप्रसादी के साथ कार्यक्रम संपन्न होगा।
क्षेत्रीय पार्षद आशा सोनी ने बताया कि लंबे अरसे के बाद इस मंदिर का जीर्णोद्धार स्मार्ट सिटी कार्य तथा क्षेत्रवासियों की मदद से कराया जा सका। अब इनमें राधा कृष्ण व राम दरबार की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
श्री राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के प्रतीक नागर ने बताया कि दो दशक पहले इस मंदिर से राधा—कृष्ण की मूर्ति चोरी हो गई थी और तब से सेवा—पूजा नहीं हो पा रही थी। पूर्व पार्षद गोपाल नागर ने बताया कि यह पीछोला नहीं क्षेत्रवासियों के लिए गंगा घाट है। तत्कालीन महाराणा ने जब इस घाट का निर्माण कराया तो इसका रूप हरिद्वार की तरह दिया और यहां महादेवजी, हनुमानजी, कृष्ण भगवान सहित देवी-देवताओं के मंदिरों का भी निर्माण कराया। गणगौर घाट पर पंच देवरियां, मांझी का मंदिर आदि स्थापित हैं। इसी तरह लाल घाट पर भी महादेवजी का मंदिर स्थापित है। जब यहां गणगौर का मेला इस मंदिर में स्थापित महादेव का पीछोला की लहरों से जलाभिषेक होता है। उन्होंने बताया, अरसे से बंद इस मंदिर में क्षेत्रीय पार्षद आशा सोनी को साथ लेकर क्षेत्रवासियों की मदद से एक मुहिम शुरू कर इस मंदिर की साफ—सफाई की गई और स्मार्ट सिटी ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर नया रूप प्रदान किया। अब इस मंदिर में राधा कृष्ण की मूर्ति के साथ राम दरबार की मूर्ति का भी प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है।
गजराज सिंह ने बताया कि श्री दाईजी जोधसिंह जी चेरिटबेल ट्रस्ट व श्री राम दरबार व राधा कृष्ण मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव कि सदस्यों ने सराहनीय कार्य किया। विगत एक माह से क्षेत्र के बच्चों द्वारा प्रतिदिन सायंकाल हनुमान चालीसा, रामायण का पाठ किया जा रहा है। इससे हमारे बच्चों में हमारी संस्कृति भी बोध हो रहा है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि इस कार्य में स्थानीय भामाशाह सुनील भट्ट का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस तरह है प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम
प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य कार्यक्रम अक्षय तृतीय 22 अप्रेल को आयोजित हो रहा है। जिसके तहत मंदिर में शिखर अभिषेक, मूर्ति प्रतिष्ठा दोपहर 12.15 बजे, ध्वजारोहरण, शिखर कलश स्थापना, पूर्णाहूति के साथ महाआरती का आयोजन होगा। इससे पहले मंगलवार दिनांक 18 अप्रेल की सायं 7 बजे भगवत सुथार एवं मण्डली द्वारा विशाल भजन संध्या गणगौर पर पर आयोजित होगी। 19 अप्रेल सायं 4 बजे जगदीश मंदिर से कलश यात्रा निकलेगी। जिसके बाद हेमान्द्री स्नान, गणेश गौरी पूजन का आयोजन होगा। 20 व 21 अप्रेल को स्थापित देवता पूजन, कुण्ड पूजन, नवग्रह पूजन, मूर्तिवास के साथ ही यज्ञ प्रारंभ होगा और स्थापित देवताओं का पूजन, मूर्ति स्तवन तथा मूर्तिशयन होगा।
देवेन्द्र जावलिया व जगदीश शर्मा ने बताया कि 22 अप्रेल शनिवार अक्षय तृतीया पर शिखर अभिषेक, मूर्ति प्रतिष्ठा, ध्वजा रोहण, शिखर कलश स्थापना, पूर्णाहुति व महाआरती होगी। सायं 7 बजे गणगौर घाट पर महाप्रसादी रखी गई है।
पीछोला के गंगाघाट पर ऐतिहासिक रामदरबार व राधाकृष्ण मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा 22 को
