भांजे के जरिए बेचा था पेपर
राजेश वर्मा
उदयपुर, 19 अ्प्रैल। सीनीयर टीचर भर्ती पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा सहित तीनों आरोपियों को 29 अप्रेल तक पुलिस की रिमांड पर भेजा है। एसओजी जयपुर की टीम तीनों आरोपियों को लेकर बुधवार सुबह उदयपुर पहुंची और यहां अदालत में उन्हें पेश किया। पेपर लीक मामले में एसओजी अब पेपर लीक माफिया शेरसिंह मीणा, बाबूलाल कटारा, उनके भांजे विजय डामोर और ड्राइवर गोपाल सिंह को आमने—सामने बिठाकर पूछताछ करेगी। पेपर लीक मामले की पूरी गुत्थी खोलना बाकी है, किन्तु एसओजी यह पता लगा चुकी है कि सीनीयर टीचर भर्ती परीक्षा के दो हफ्ते पहले ही बाबूलाल कटारा ने अपने भांजे विजय डामोर के जरिए पेपर शेरसिंह मीणा को बेचा था। वह अपने को इस मामले से दूर रखना चाहता था, जिसके चलते उसने इसकी जिम्मेदारी अपने भांजे को सौंप रखी थी। एसओजी अब यह पता लगाने की कोशिश में है कि बाबूलाल कटारा को पेपर कहां से और किसके जरिए मिला।
एसओजी को संदेह है कि पेपर लीक मामले की पूरी जानकारी बाबूलाल कटारा के ड्राइवर गोपाल सिंह को थी।
उल्लेखनीय है कि एसओजी तथा एटीएस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को अजमेर से बाबूलाल कटारा तथा उनके ड्राइवर गोपाल सिंह को सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था, जबकि उनका भांजा विजय डामोर को डूंगरपुर जिले से पकड़ा था।
पेपर माफिया से चार साल से दोस्ती
मिली जानकारी के अनुसार पेपर माफिया शेर सिंह मीणा से आरपीएससी मेम्बर बाबूलाल कटारा की चार साल से दोस्ती थी। पैसों के लालच में कटारा शेर सिंह मीणा के कहने में आ गया। उन्हें पता था कि यदि वह सीधे शेरसिंह से मिलने लगे तो आरपीएससी के अधिकारियों और कर्मचारियों को उन पर संदेह हो सकता है। इसलिए उन्होंने विश्वासपात्र के रूप में बेरोजगार भांजे विजय डामोर को अपने साथ मिला लिया। कटारा ने सीनियर टीचर भर्ती का पेपर आउट करने के बाद शेर सिंह मीणा से डील करने की जिम्मेदारी विजय को दे रखी थी।
पेपरलीक मामला : आरपीएससी सदस्य सहित तीनों आरोपी 10 दिन के रिमांड पर
