देशभर से डूंगरपुर में जुटेंगे चिंतक, विभिन्न सत्रों में रखेंगे विचार
डूंगरपुर, 02 मार्च/डूंगरपुर में 21 और 22 मार्च को राष्ट्र स्तरीय आदिवासी कल्याण सम्मेलन का आयोजन होगा। शांति एवं अहिंसा निदेशालय की ओर से आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से विद्वान, दलित चिंतक, समाजशास्त्री, कला, संस्कृति और विषय विशेषज्ञ सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुडे 600 लोग शामिल होंगे।
गुमानपुरा स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में सम्मेलन का आयोजन होगा। इस संबंध में जिला कलक्टर लक्ष्मी नारायण मंत्री ने गुरुवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर सम्मेलन की तैयारियों के संबंध में विभागवार जिम्मेदारियां सौंपी। सम्मेलन के लिए जिला कलक्टर ने आवास, भोजन, परिवहन, सत्कार, पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय करते हुए समितियों का गठन किया है। मेहमानों को ठहराने के लिए शहर की होटलों को भी बुक किया जा रहा है।
राष्ट्र स्तरीय सम्मेलन की मेजबानी डूंगरपुर के लिए गर्व की बात- जिला कलक्टर
जिला कलक्टर लक्ष्मी नारायण मंत्री ने अधिकारियों को इस राष्ट्र स्तरीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए इसे पारिवारिक उत्सव की तरह मानते हुए इसमें अपनी जिम्मेदारियों को पूरे मनोयोग से निभाने और अतिथियों के स्वागत-सत्कार और सुविधाओं में कोई भी कमी नहीं रखने के निर्देश दिए हैं। जिला कलक्टर ने कहा कि इस सम्मेलन से डूंगरपुर को पूरे देश में एक नई पहचान मिलेगी। सम्मेलन की मेजबानी करने का अवसर मिलना डूंगरपुर जिले के लिए गर्व की बात है।
विभिन्न सत्रों में वक्ता रखेंगे विचार
सम्मेलन में आदिवासी कल्याण, वन-पर्यावरण, मौजूदा राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवेश सहित समाज के समक्ष मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर आधारित विषयों पर सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इनमें वक्ता अपने विचार रखेंगे और विभिन्न विषयों पर चिंतन किया जाएगा।
राष्ट्र स्तरीय आदिवासी कल्याण सम्मेलन 21-22 मार्च को
