सांसद मन्नालाल रावत ने उदयपुर विकास प्राधिकरण को पत्र लिखकर संग्रहालय की स्थापना की सिफारिश की
उदयपुर, 29 अप्रैल। मेवाड़ की समृद्ध सांगीतिक विरासत को नया आयाम देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उदयपुर में ‘संगीत संग्रहालय’ की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होता नजर आ रहा है। इस संबंध में सांसद मन्नालाल रावत ने उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) को पत्र लिखकर संग्रहालय की स्थापना की सिफारिश की है।
यूडीए आयुक्त को संबोधित पत्र में सांसद रावत ने लिखा कि यह संग्रहालय न केवल भारतीय संगीत की विविध परंपराओं को संरक्षित और प्रदर्शित करेगा, बल्कि यह युवाओं को संगीत के प्रति प्रेरित करने, पर्यटकों को आकर्षित करने और उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित संगीत संग्रहालय में विभिन्न वाद्य यंत्रों के माध्यम से संगीत प्रदर्शन, संगीत पुस्तकालय, कार्यशालाएँ, सेमिनार और वार्षिक संगीत महोत्सव जैसे आयोजन किए जाएंगे। साथ ही, यह संग्रहालय बच्चों व युवाओं को भारतीय संगीत की शिक्षा देने का भी सशक्त माध्यम बनेगा।
सांसद मन्नालाल रावत ने कहा कि उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना हमारी प्राथमिकता है। संगीत संग्रहालय जैसे प्रकल्प न केवल हमारी धरोहर को जीवित रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी उससे जोड़ते हैं।
सुरों की मंडली के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि मेवाड़ का संगीत विश्वभर में अपनी एक अलग पहचान रखता है। यह संग्रहालय उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनेगा और दुनियाभर के लोग मेवाड़ की सुरमयी कहानी को जान पाएंगे।
उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व मुकेश माधवानी ने सांसद मन्नालाल रावत से इस विषय पर मुलाकात कर संग्रहालय की आवश्यकता और उसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की थी। उसी बैठक के बाद यह पत्र प्राधिकरण को भेजा गया है, जो अब इस परियोजना को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरों की मंडली की मांग है कि इस संग्रहालय की स्थापना हेतु उदयपुर विकास प्राधिकरण, विभाग या निगम की ओर से कोई सरकारी भवन या भूमि उपलब्ध करवाई जाए, जिस पर संग्रहालय की नींव रखी जा सके।
