उदयपुर, 07 जुलाई 2026 । महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के केंद्रीय शेक्षणेत्तर कर्मचारी संघ की बैठक दिनांक 06 जुलाई 2026 को आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति एवं ध्वनि मत से डॉ उर्मिला को संघ का अध्यक्ष तथा श्री गीतेश जैन को महामंत्री मनोनीत किया गया।
डॉ उर्मिला एवं श्री गीतेश जैन दोनों ही लंबे समय से कर्मचारी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। विशेष रूप से एनपीएस से ओपीएस (NPS to OPS) आंदोलन में दोनों का उल्लेखनीय योगदान रहा है। कर्मचारी हितों की आवाज को सशक्त रूप से उठाने, संगठनात्मक गतिविधियों को गति प्रदान करने तथा कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके निरंतर प्रयासों को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया।
बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि नव मनोनीत अध्यक्ष एवं महामंत्री के नेतृत्व में शेक्षणेत्तर कर्मचारी संघ और अधिक सशक्त, संगठित एवं प्रभावी रूप से कार्य करेगा तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा, उनकी सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान एवं संगठन की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
अपने संबोधन में डॉ उर्मिला ने सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन की एकता, पारदर्शिता, सहयोग एवं कर्मचारी हितों की रक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। वहीं श्री गीतेश जैन ने कहा कि संगठन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान, उनके अधिकारों की रक्षा तथा विश्वविद्यालय के समग्र विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।
इस अवसर पर संघ के पदाधिकारी, कर्मचारी प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में शेक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने नव मनोनीत अध्यक्ष डॉ उर्मिला एवं महामंत्री श्री गीतेश जैन का साफा एवं उपरणा पहनाकर अभिनंदन किया तथा उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल, प्रभावी एवं कर्मचारी हितैषी कार्यकाल की कामना की। उपस्थित कर्मचारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि नव नेतृत्व संगठन की गरिमा एवं एकता को सुदृढ़ करते हुए कर्मचारियों के हितों की रक्षा एवं उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव समर्पित रहेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शेक्षणेत्तर कर्मचारी संघ की नई कार्यकारिणी का विस्तार शीघ्र किया जाएगा तथा सभी इकाइयों एवं वर्गों को समुचित प्रतिनिधित्व प्रदान करते हुए नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा, जिससे संगठन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाया जा सके।
