-कहा- यह भारत माता के महान देश का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष अपमान
-मेवाड में पहली बार किसी नेता ने उठाया ऐसा सख्त कदम
उदयपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने उदयपुर के संत टेरेसा उच्च माध्यमिक विद्यालय पुष्पागिरी में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है।
सांसद डॉ रावत ने स्कूल प्रबंधन को पत्र में मुख्य अतिथि के आमंत्रण को अस्वीकार करते हुए लिखा है कि विद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम के संबंध में प्रकाशित निमंत्रण पत्र पर ईसाइयत के प्रतीक अंकित किये गये है एवं बाइबिल से लिए गये शब्दों का भी उल्लेख किया गया है। सांसद डॉ रावत ने अपनी आपत्ति जताते हुए लिखा कि यह भारत की धर्मनिरपेक्षता एवं समृद्ध लोकतांत्रिक परम्पराओं के एकदम विपरीत है। साथ ही यह भारत माता के महान देश का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष अपमान भी है। यह कालखंड विरासत के साथ विकास का है, जिसमें स्थानीय मूल्यों की प्रधानता व प्रकटीकरण नितांत आवश्यक है, इसलिए आग्रह है कि आपके विद्यालय को इस तरह की किसी भी प्रवृत्ति से दूर रहना चाहिए और इस प्रकार के कार्यक्रमों में हमारी उपस्थिति संभव नहीं है।
उल्लेखनीय है कि मिशनरी स्कूलों के पूर्व में भी ऐसे निमंत्रण पत्र छपते रहे हैं, लेकिन मेवाड के किसी नेता ने पहली बार ऐसा सख्त कदम उठाया है।
निमंत्रण पत्र पर ईसाइयत के प्रतीक होने पर सांसद डॉ रावत ने संत टेरेसा स्कूल के निमंत्रण को अस्वीकारा
