फतहनगर। सारे कयासों को दरकिनार करते हुए भाजपा ने मावली में पूर्व उप प्रधान एवं वर्तमान साकरोदा सरपंच कृष्णगोपाल पालीवाल को टिकिट दे दिया है। पालीवाल को जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए टिकिट दिया गया है जबकि टिकिट के प्रबल दावेदार दिनेश कावड़िया एवं कुलदीपसिंह चुण्डावत थे। पिछली बार भी कुलदीपसिंह दावेदार थे लेकिन उस वक्त समझाईश कर धर्मनारायण जोशी को टिकिट दिया गया था। अब चुण्डावत अपना टिकिट कटने से बेहद नाराज दिखाई दे रहे हैं। चुण्डावत ने सोमवार को नामांकन दाखिल करने की घोषणा भी कर दी है। जातीय समीकरणों के बोल बाले के कारण ही हर समय विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले दोनों नेताओं का टिकिट कट गया है। कावड़िया एवं चुण्डावत की हर गांव में सक्रियता रही है तथा कार्यकर्ताओं पर भी अच्छी खासी पकड़ है। हालांकि कृष्ण गोपाल पालीवाल पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत के समय काफी सक्रिय रहे हैं तथा इस वक्त साकरोदा पंचायत के सरपंच हैं। पालीवाल का मुकाबला कांग्रेस के पुष्करलाल डांगी से है जो राजनीति में लगातार सक्रिय है। आम आदमी की डांगी तक सहज पहुंच के कारण मुकाबला कड़ा होता दिख रहा है। डांगी का टिकिट पहले ही घोषित हो जाने से डांगी ने गांव-गांव जन सम्पर्क शुरू भी कर दिया है। सोमवार को पालीवाल के नामांकन के साथ ही स्थित साफ हो जाएगी। चुण्डावत यदि मैदान में डटे रहते हैं तो पालीवाल के लिए इस सीट को निकाल पाना आसान नहीं होगा।
जातीय समीकरणों की भेंट चढ़ा मावली भाजपा का टिकिट,कुलदीपसिंह चुण्डावत ने ठोकी ताल
