पहले दिन उद्योगों ने जमा कराया 1 टन कचरा
उदयपुर, 4 नवंबर। ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक (मिशन लाइफ) के तहत उदयपुर के मादड़ी औद्योगिक क्षेत्र स्थित यूसीसीआई भवन में दो दिवसीय ई-वेस्ट संग्रहण शिविर की शुरुआत हुई। शिविर के पहले ही दिन शहर के विभिन्न उद्योगों द्वारा लगभग 1 टन ई-वेस्ट जमा कराया गया। यह शिविर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय (उदयपुर) और उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (यूसीसीआई) द्वारा अधिकृत ई-वेस्ट रिसाइक्लर अडाटे ई-वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
आमजन भी पा सकते हैं कचरे का उचित मूल्य
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी विनय कट्टा ने बताया कि यह शिविर गुरूवार 5 नवंबर को भी जारी रहेगा। इसमें विभिन्न संस्थान और आम नागरिक अपना इलेक्ट्रॉनिक कचरा (ई-वेस्ट) जमा कराकर उसका उचित मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। उदयपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों के लिए रिसाइक्लर की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि सुरेश साल्वी को नियुक्त किया गया है, जिनसे मोबाइल नंबर 9929499264 पर संपर्क किया जा सकता है।
जागरूकता कार्यशाला 6 नवंबर को
सप्ताह के थीम दिवस के अवसर पर 6 नवंबर 2026 को सुबह 10.30 बजे यूसीसीआई भवन में ई-वेस्ट कम करें विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा। इस कार्यशाला में विभिन्न उद्योग, सरकारी विभाग और प्रमुख संस्थान हिस्सा लेंगे।
अनधिकृत कबाड़ियों को ई-वेस्ट बेचने के खतरे
क्षेत्रीय अधिकारी श्री कट्टा ने बताया कि शिविर में एकत्रित होने वाले पूरे ई-वेस्ट का निस्तारण ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियमों के तहत केवल अधिकृत रिसाइक्लर के माध्यम से ही सुरक्षित तरीके से किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब घरेलू कचरे के साथ ई-वेस्ट को फेंका जाता है या अनधिकृत कबाड़ियों को बेचा जाता है, तो उससे सीसा, पारा और कैडमियम जैसे अत्यंत जहरीले पदार्थ निकलते हैं। ये तत्व हमारी मिट्टी, पानी और हवा को गंभीर रूप से प्रदूषित करते हैं। अधिकृत रिसाइक्लर को कचरा सौंपने से न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहता है, बल्कि कचरे में मौजूद उपयोगी सामग्री का दोबारा इस्तेमाल भी संभव हो पाता है, जो मिशन लाइफ के पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली के संदेश को मजबूत करता है।
कैप्शन
ई वेस्ट – उदयपुर। ई वेस्ट संग्रहण शिविर में जमा कराया गया ई वेस्ट तथा उपस्थित अधिकारी व प्रतिनिधि।
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पेंशनर्स 30 नवंबर तक जमा कराएं जीवन प्रमाण पत्र, नवंबर की पेंशन के लिए अनिवार्य
उदयपुर, 04 नवम्बर। राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के नियम 134 के अनुसार सभी पेंशनर्स एवं पारिवारिक पेंशनर्स को प्रत्येक वर्ष 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं कराने पर नवंबर 2026 की पेंशन का भुगतान नहीं किया जा सकेगा।
कोषाधिकारी (ग्रामीण) डॉ. प्रीति वर्मा ने बताया कि राजस्थान सरकार में कार्यरत समस्त राजपत्रित एवं अराजपत्रित कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर) आईएफएमएस 3.0 पोर्टल पर कर्मचारी की स्वयं की एसएसओ आईडी के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त पेंशनर्स ई-मित्र के माध्यम से अथवा संबंधित कोषालय, उपकोषालय एवं संभागीय पेंशन कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकते हैं।
