कामायनी नाट्य मंचन ने दर्शको को किया मंत्रमुग्ध 

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें
उदयपुर. 2 जुलाई ।  जयशंकर प्रसाद की कलम से निकला कालजयी महाकाव्य नाटक कामायनी एस पी रंगा के बेजोड़ निर्देशन द्वारा दर्पण सभागार मे जीवंत हो उठा ।  मयूर नाट्य संस्था, जोधपुर द्वारा नाटक मंचित हुआ । रमेश बोहरा द्वारा नाट्यांतरित एवं डा. सुरेश प्रसाद रंगा द्वारा अनुशोधित यह नाटक वर्तमान मन्वंतर के प्रवर्तक मनु की कथा है जिसमें निराश भयग्रस्त एवं दुःखी वसुधा को शांति और सुख की आशा बंधाते हुए विश्व समरसता का संदेश प्रसारित किया । निर्देशक रंगा द्वारा इस नाट्य को 90 मिनिट मे बांध कर प्रस्तुत किया जो कि नाट्य शास्त्र के सभी रसो को सम्मिलित किया गया ।
उल्लेखनीय हे कि पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर की निदेशक श्रीमती किरण सोनी गुप्ता ने बताया कि जयशंकर प्रसाद कि यह अंतिम नाट्य रचना थी जो आज के समय मे भी प्रासंगिक है ।
सभी मंचीय कलाकारों जैसे मनु (अयोध्या प्रसाद गौड), श्रद्धा (डा. नीतू परिहार), लज्जा (डा. पूजा राजपुरोहित), इडा (डा. काजल वर्मा), कुमार छोटा (आराध्या परिहार), कुमार बडा (मोहित परिहार), आकुलि (मजाहिर सुल्तान ज़ई ), किलात (छगन राज राव), प्रजाजन ( गरिमा गौड, भुवन गौड) ने अपने अपने किरदारों को बड़ी तन्मयता से निभाया और अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति से सराहना प्राप्त की एवं मंच पार्श्व मे मंच परिकल्पना (रमेश भाटी नामदेव), प्रकाश परिकल्पना ( रमेश भाटी नामदेव), रूप सज्जा (कैलाश गहलोत ,गरिमा गौड), मंच नियंत्रण (सईद खान) मे भूमिका सरहनीय रही ।
By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!