कीचड़ उसके पास था मेरे पास गुलाल,जो भी जिसके पास था उसने दिया उछाल……..

उदयपुर होलसेल गोल्ड ज्वैलर्स एसोसिएशन एवं परमार्थ सेवा संस्थान द्वारा यशवन्त आंचलिया के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर एवं होली के रंग कवियों के संग कवि सम्मेलन आयोजित
उदयपुर। उदयपुर होलसेल गोल्ड ज्वैलर्स एसोसिएशन एवं परमार्थ सेवा संस्थान द्वारा आज भ्सारतीय लेककला मण्डल में होली के अवसर हास्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें हास्य कवियों ने हास्य की फुलझड़ियों से सभी को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया। समारोह कांग्रेस के प्रदेश महासचिव लालसिंह झाला,पुलिस उपाधीक्षक जितेन्द्र आंचलिया व समाजसेवी अनिल पुनमिया,सोजतिया ज्वैलर्स के डॉ. महेन्द्र सोजतिया, मिराज ग्रुप से प्रकाश पालीवाल, अलंकार ज्वैलर्स के अलंकार ज्वैलर्स के मोहन माखिजा,आरएनटी के पूर्व प्राचार्य डॉ.लाखन पोसवाल थे जबकि अध्यक्ष शहर विधायक ताराचंद जैन ने की।
कवि सम्मेलन की शुरूआत कवियित्री गौरी मिश्रा ने सरस्वती वंदना से की। तत्पश्चात ग्वालियर के व्यंगकार तेजनारायण शर्मा बैचेन ने अपनी चुटीले व्यंगो से सभी को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया। उन्होंने अपनी रचना सड़क रास्ते ज़ाम कराकर…,जल्वा अपने नाम कराकर….,सभी मसीहा लौट चुके हैं, शहर में क़त्ले-आम कराकर…,पर जनता की दाद बटोरी। अपनी अन्य रचना मंच जबसे अर्थदायक हो गए…., तोतले भी गीत गायक हो गए…., राजनैतिक मूल्य कुछ ऐसे गिरे ज़ेबकतरे तक विधायक हो गए.,पर जनता ने जबरदस्त तालियां बजाकर रचना का स्वागत किया।
उन्होंने अपनी एक और रचना युग की टेर लिए बैठी है…, मन के फेर लिए बैठी है…,रघुनंदन अब तो आ जाओ…शबरी बेर लिए बैठी है..को दाद मिली।
श्रृंगार रस की कवियित्री ने समझ भी ले ज़रा हमदम न इतना तंग कर मुझको,मेरी हस्ती मिटा दे या  फिर अपने संग कर मुझको, करूं कोशिश नहीं चढ़ता कोई भी रंग अब मुझ पर,न जाने कौन से रंग में गया तू रंग कर मुझको…का श्रोताओं ने तालियों से समर्थन किया। बारां के हास्य कवि सुरेन्द्र यादवेन्द्र ने एक बंदे ने, अकल के अंधे ने, इंटरनेट पर लड़की पटाई,नेट पर ही कर ली सगाई,नेट पर ही शादी और नेट पर ही डिवोर्स हो गया… लड़का लड़की दोनों खुश, चलो इंटरनेट का कोर्स ही हो गया.. पर श्रोता हंसे बिना नहीं रह सकें। भीलवाड़़ा के हास्य कवि दीपक पारीक ने अपनी रचना हरदम ग़म ग़म क्यों करता है,इतना परिश्रम क्यों करता है,यार हमेशा मस्त रहा कर,मौसम मौसम क्यों करता है…, आगरा के लाफ्टर चेम्पियन वफा ईमान की बातें किताबों में ही मिलती हैं,भरोसा रोज मिलता है भरोसा रोज डसता है,जमीं वो अन्न पैदा कर वफ़ा जो खून में बोले,भगत सिंह जैसे बेटों को वतन अब भी तरसता है.. को जनता ने तालियों के साथ कविता का स्वागत किया।  कवि सम्मेलन में इन्दौर के वीर रस के कवि सत्यनारायण सन्तन एवं इन्दौर के ही वीर रस के कवि मुकेश मोलवा ने भी वीर रस कविता सुनाकर श्रोताओं की बाजुओं में वीर रस भर दिया।
कवि सम्मेलन के संचालक राव अजातशत्रु उदयपुर ने रचना कीचड़ उसके पास था मेरे पास गुलाल,जो भी जिसके पास था उसने दिया उछाल…, अन्य रचना गलियों में घूम घूम, राहों में झूम झूम
भंवरों के अधरों से कलियों को चूम चूम, गालों पे मल के गुलाल हंसी रे, गौरी होली में नखराली चाल हंसी रे… को होली के रंग में रंगने का प्रयास किया। जिसमें जनता ने तालियां की दाद दे कर उसे पूरी सफलता दी। कवि सम्मेलन का जोरदार संचालन करते हुए अजातशत्रु ने अपनी टिप्पणियों से श्रोताओं को खूब हंसाया।
इस अवसर पर एसोसिएशन के संरक्षक यशवन्त आंचलिया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षो से एसोसिएशन होली के अवसर पर शहर की जनता के स्वस्थ मनोरंजनार्थ कवि सम्मेलन का आयोजन करता रहा है। इस वर्ष तीसरा रक्तदान शिविर आयोजित कर जरूरमंदो के लिये रक्त की व्यवस्था की गई। अध्यक्ष जितेन्द्र कोठारी,परमार्थ सेवा संस्थान के मार्गदशक भंवरलाल बोहरा,कार्यक्रम संयोजक गजेन्द्र सोनी,शैलेष मेहता,पारसदेवी आंचलिया सहित अनेक सदस्यों ने अतिथियों व कवियों का पगड़ी, उपरना, स्मृतिचिन्ह एवं प्रशस्ति प्रदान कर स्वागत किया। उदयपुर होलसेल गोल्ड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा अध्यक्ष यशवन्त आंचलिया के जन्मदिन पर फिल्ड क्लब में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। जिसमें पुलिस अधिकारियों, रक्तदाताओं,एसोसिएशन के सदस्यों सहित अन्य ने मिलकर जरूरतमंदो के लिये बढ़चढ़ कर 102 यूनिट रक्तदान किया।
समारोह में राईजिंग स्टार के रूप में अक्षत हाथी, अभिनंदन तातेड़, धनादित्य सिरोया, गोपाल सोनी, ह्दयंग सिंघटवाडिया, रौनक चपलोत, नरेंद्र सिंह, नितिन नाचानी, शुभम दक, विनय सोनी, योरिक जैन, शानू सिरोया का पगड़ी एंव उपरना पहनाकर कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन कविता के माध्यम से प्रकाश सिंघवी ने किया।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!