संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 136वीं जयंती पर किया नमन
उदयपुर 14 अप्रैल / संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 136वीं जयंती पर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने डॉ. अम्बेडकर चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र हित, राष्ट्र प्रेम एवं सर्वजन हिताय के लिए समर्पित विचारधारा का नाम है डॉ. भीमराव अम्बेडकर। शिक्षा के बिना उत्कर्ष नहीं, अतः राष्ट्र के प्रत्येक समुदाय को शिक्षा से जोड़ना तथा उनके भीतर राष्ट्रीयता व राष्ट्रवाद के बीज को रोपित करने के प्रयास द्वारा ही उत्कृष्ट भारत का निर्माण संभव है। डॉ. अम्बेडकर ने सामाजिक समरसता, समानता और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की जो अवधारणा दी, वह आज हमारे लिए मार्गदर्शक है। वे केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि एक महान विचारक, समाज सुधारक और शिक्षाविद भी थे। उन्होंने अपने जीवन में अनेक संघर्षों के बावजूद समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने का कार्य किया। “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का उनका संदेश आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे व्यक्ति अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक होकर राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकता है।
समता और शिक्षा के पथप्रदर्शक थे डॉ. भीमराव अम्बेडकर – प्रो. सारंगदेवोत
