पंचायतीराज चुनाव – 2026
उदयपुर, 15 अक्टूबर। पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव, 2026 के मद्देनजर उदयपुर जिले में चुनावी नतीजों के बाद कानून-व्यवस्था और लोक शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 (पूर्व की दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर चुनाव प्रक्रिया के शांतिपूर्ण संपन्न होने तक (29 नवंबर 2026 तक) प्रभावी रहेगा।
जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार, चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी निर्वाचित प्रत्याशी (प्रमुख, उपप्रमुख, प्रधान, उपप्रधान, जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य, सरपंच, उपसरपंच तथा वार्ड पंच) या उनके समर्थकों द्वारा सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, बाजारों या चौराहों पर विजय जुलूस निकालना और भीड़ एकत्रित करना, जुलूस के रूप में इकट्ठा होकर शक्ति प्रदर्शन करन, वाहनों का काफिला निकालना, पटाखे जलाना या आतिशबाजी करना, उत्तेजक नारेबाजी करना, सोशल मीडिया या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर ऐसे संदेश, वीडियो या पोस्ट प्रसारित करना जिससे आपसी तनाव या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदाहो इन सभी गतिविधियों पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। उक्त आदेश उदयपुर जिले के सभी पंचायत समिति क्षेत्रों में प्रभावी रहेगा।
मामले की गंभीरता और तात्कालिकता को देखते हुए यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने जिला पुलिस अधीक्षक और संबंधित उपखण्ड मजिस्टेªटस् को इस आदेश की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत तत्काल सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पंचायती राज चुनाव – 2026
मतदान के दिन कामगारों को मिलेगा सवैतनिक अवकाश
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
उदयपुर, 15 अक्टूबर। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे पंचायतीराज चुनाव के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान सरकार के श्रम विभाग ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
श्रम आयुक्त पूजा पार्थ की ओर से जारी आदेश के अनुसार, उदयपुर जिले सहित प्रदेश भर में संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में स्थित सभी औद्योगिक, वाणिज्यिक, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और फैक्ट्रियों में कार्यरत कामगारों को मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा। संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त, उदयपुर ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135 (ख) और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 22 के तहत जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश सभी श्रेणी के कामगारों के लिए अनिवार्य है। इसमें नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ आकस्मिक कामगार भी शामिल होंगे, ताकि हर नागरिक बिना किसी आर्थिक नुकसान के अपने मताधिकार का उपयोग कर सके। यदि कोई नियोजक (मालिक) इस आदेश का उल्लंघन करता है या मतदान के लिए छुट्टी देने पर कर्मचारी के वेतन में कटौती करता है, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पंचायतीराज चुनाव – 2026
सूखा दिवस घोषित
उदयपुर, 15 अक्टूबर। पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव, 2026 को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और वित्त (आबकारी) विभाग के निर्देशों के क्रम में जिला मजिस्ट्रेट, गौरव अग्रवाल ने आदेश जारी कर जिले में विभिन्न चुनावी चरणों के दौरान सूखा दिवस घोषित किए हैं।
आदेश के अनुसार चुनाव के दौरान संबंधित मतदान क्षेत्रों तथा उनके 5 किलोमीटर के परिधीय (सीमावर्ती) क्षेत्रों में शराब की बिक्री और वितरण पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए प्रथम चरण में 20 अक्टूबर को सांय 6 बजे से 22 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक, द्वितीय चरण में 26 अक्टूबर को सांय 6 बजे से 28 अक्टूबर को सांय 6 बजे तक तथा तृतीय चरण में 1 नवंबर को सांय 6 बजे से 03 नवम्बर को सांय 6 बजे तक सूखा दिवस रहेगा।
इसी प्रकार पंच एवं सरपंच पद के चुनाव के लिए प्रथम चरण में 22 अक्टूबर को सांय 6 बजे से 24 अक्टूबर को मतगणना समाप्ति तक, द्वितीय चरण में 28 अक्टूबर को सांय 6 बजे से 30 अक्टूबर को मतगणना समाप्ति तक तथा तृतीय चरण में 3 नवंबर को सांय 6 बजे से 5 नवंबर को मतगणना समाप्ति तक सूखा दिवस रहेगा।
मतदान के बाद जिला परिषद एवं पंचायत समिति के सदस्यों के वोटों की गिनती के लिए निर्धारित तिथि 20 नवंबर 2026 को भी पूरे पंचायत क्षेत्रों में सूखा दिवस घोषित किया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
