नाकोड़ा भैरव की भक्ति में सराबोर हुआ आयड़ तीर्थ, गौरव मालू के भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

बुलावा आये या ना आये, हमें नाकोड़ा  जाना हैँ…

उदयपुर। सकल जैन श्रीसंघ मेवाड़  एवं उव्सग्गरम आराधक परिवार की ओर से श्री नाकोड़ा तीर्थ के छरी पालक संघ के उपलक्ष्य में मुनिराज सुमतिचंद्र सागर महाराज एवं शीतलचंद्र सागर महाराज कि प्रेरणा से आयड़ जैन तीर्थ पर आयोजित भक्ति-मेहंदी-सांझी महा महोत्सव के अंतर्गत भव्य भजन संध्या का आयोजन हुआ। भक्ति, संगीत और आस्था के इस अनुपम संगम में सुप्रसिद्ध जैन संगीतकार गौरव मालू ने नाकोड़ा भैरव के सुमधुर भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते रहे। पूरा आयड़ तीर्थ नाकोड़ा भैरव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
महोत्सव के मुख्य संयोजक हस्तीमल लोढ़ा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ पंकज भंडारी द्वारा नवकार मंत्र के सामूहिक उच्चारण से हुआ। इसके पश्चात गौरव मालू ने “मारे सर पर है भेरूजी का हाथ, इन डोकरा को हाथ कोई तो मारो कई करसी३”, “इशारों बुलाय गयो रे३”, “अम्बा माँ को लालो३”, “मेवानगरी वालो३” तथा “आवानों पड़ेगा दादा, आवानों पड़ेगा, आज की भक्ति में थाने आवानों पड़ेगा३” बुलावा आये या ना आये, हमें नाकोड़ा  जाना हैँ…सहित अनेक लोकप्रिय भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भजनों की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर नृत्य करते नजर आए।
महोत्सव के दौरान आयोजित मेहंदी कार्यक्रम में 600 से अधिक महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक नाकोड़ा भैरव के नाम की मेहंदी रचाई। वहीं नाकोड़ा भैरव का नयनाभिराम श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। आयोजन स्थल की भव्य एवं आकर्षक सजावट मनोज बोहरा एवं संजय खमेसरा ने की, जिसकी सभी ने सराहना की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कुलदीप नाहर का विशेष सहयोग रहा। जैन युवा मित्र संगठन के सभी सदस्यों ने व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन पवन मेहता ने किया।
भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। भक्ति, संगीत और उल्लास से सराबोर इस आयोजन ने उपस्थित जनसमूह को अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की। आयोजन में सभी संयोजको का पूर्ण सहयोग रहा.

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!