उपभोक्ता अब सरस के शुद्व मावा, पेड़ा एवं शुद्व मावे से बनी मिठाइयां खा सकेगें

उदयपुर। उदयपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ द्वारा दीपावली पर्व से पूर्व सरस मावा, पेड़ा एवं कुल्फी नया सरस दुग्ध प्रोडक्ट लॉन्च किया, ताकि उपभोक्ताओं को त्यौहार के मौसम मे शुद्व एवं ताजा मावा एवं पेड़ा एवं अन्य शुद्व मावेे की मिठाइयां उपलब्ध हो सकें।
उदयपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष डालचंद डांगी ने बताया कि बाजार मे उपलब्ध नकली, मिलावटी मिठंाइयों एवं उपभोक्ताओं की मांग के मद्देनजर सरस डेयरी द्वारा उपभोक्ताओं को शुद्व मावा एवं ताजा बनी मिठाइयां पहुंचाने के उद्देश्य से डेयरी मे मावा पेड़ा संयंत्र लगाने हेतु प्रस्ताव बनाकर जनजाति विकास विभाग को प्रस्तुत किया गया। इसके लिये जनजाति विकास विभाग द्वारा संघ को 1.51 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई।
उदयपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के प्रबंध संचालक नटवर सिंह चूंडावत ने बताया कि जनजाति विकास विभाग, राजस्थान सरकार के आर्थिक सहयोग से सरस डेयरी परिसर मे मावा, पेड़ा एवं कुल्फी बनानें हेतु नया संयंत्र स्थापित किया गया है। संयंत्र मंे सरस शुद्व दूध से निर्मित मावा एवं पेड़ा का ट्रायल प्रोडक्शन भी पूर्ण सफल हो गया है। अतिशीघ्र मावा, पेड़ा एवं कुल्फी का विधिवत लांच किया जा रहा है तथा दीवावली पर्व पर उपभोक्ताओं को सरस शुद्व दूध से निर्मित मावा एवं पेड़ा संघ के पार्लर यथा, शबरी पार्लर, गोवर्धन विलास, सरस पार्लर शास्त्री सर्किल, सरस पार्लर, सेक्टर-4 एवं प्रताप फ्रेश सरस पार्लर, सुखाड़िया युनिवर्सिटी केम्पस पर उपलब्ध होगा। उपभोक्ता उचित दरों पर शुद्व, ताजा एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद खरीद सकेगें।
दुग्ध संघ के प्रबंध संचालक ने उपभोक्ताओं का आह्वान किया कि वे नकली एवं मिलावटी मावे एवं मिठाइयों से बचे एवं सरस डेयरी द्वारा निर्मित मावा, पेड़ा एवं गुणवत्तायुक्त  सरस दुग्ध उत्पादों का ही सेवन करें।
एमडी ने कहा कि आजकल मिठाईयो के प्रोडक्ट में मिलावट होने की जानकारियां काफी मिल रही है। सरस ऐसा ब्रांड है जो शुद्धता और विश्वसनीयता का प्रतीक है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने जो प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं इसमें शुद्धता और विश्वासनीयता की गारंटी है। उन्होंने बताया कि बाजार में हमारे जो आउटलेट है उन पर तो यह उपलब्ध रहेंगे ही इसके अलावा होम डिलीवरी की सुविधा भी हम देंगे। हमारा मकसद इसमें कोई मुनाफा कमाना नहीं है। हमने बहुत ही सोच समझ और मंथन करने के बाद ही यह  नो प्रॉफिट और नो लॉस के आधार पर या प्रोडक्ट बाजार में उतारे हैं। वैसे भी अगर इन प्रोडक्ट्स पर कोई लाभ होता है तो वह सीधे किसानों के पास ही जाता है। उदयपुर सरस डेयरी ही ऐसी है जहां पर डूंगरपुर बांसवाड़ा भीलवाड़ा राजसमंद चित्तौड़ मैं सबसे ज्यादा लाभांश किसानों को उदयपुर सरस डेयरी पर ही मिलता है। यह प्रोडक्ट 12 महीने उपलब्ध रहेंगे। इनके अलावा भविष्य में मोबाइल वैन के आधार पर भी हम घर-घर जाकर इन प्रोडक्ट ही सेल करेंगे। सरस डेयरी में स्वच्छता की जांच के लिए करोड़ों रुपए की मशीन लगी हुई है।

By Udaipurviews

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