सुदूर आदिवासी क्षेत्र मोरवल में जमी जिला कलक्टर की चौपाल

ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को दिए निस्तारण के निर्देश
उदयपुर, 27 मार्च। गोगुंदा क्षेत्र के सुदूर आदिवासी क्षेत्र में अवस्थित मोरवल पंचायत के वाशिंदों के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहा। जिला प्रशासन के मुखिया जिला कलक्टर नमित मेहता अपने प्रशासनिक अमले के साथ ग्रामीणों के बीच पहुंचे। रात्रि चौपाल के इस मौके पर उत्साहित ग्रामीणों ने अपने अभाव अभियोग खुलकर कलक्टर के सामने रखे। जिला कलक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर श्री मेहता बुधवार देर शाम जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित पंचायत मुख्यालय मोरवल पहुंचे। यहां अटल सेवा केंद्र परिसर में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। जिला कलक्टर ने जाजम पर बैठे तथा एक तरफ ग्रामीण और दूसरी तरफ विभागीय अधिकारियों को बिठाया। कलक्टर ने एक पंच की भूमिका निभाते हुए ग्रामीणों को राहत प्रदान करने की कवायद की।
प्रत्येक परिवाद पर कलक्टर ने की चर्चा, दिए निर्देश
ग्रामीणों ने चिकित्सा सुविधा के रूप में पंचायत मुख्यालय पर सिर्फ उप स्वास्थ्य केंद्र होने की जानकारी देते हुए डॉक्टर लगाने की मांग की। इस पर कलक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के प्रस्ताव भेजने और उप स्वास्थ्य केंद्र पर जीएनएम की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। स्कूलों में कक्षा कक्ष की मांग पर डीएमएफटी में प्रस्ताव रखने और मरम्मत कार्य वाटर हार्वेस्टिंग के तहत करने के निर्देश दिए। मोरवल से कालुंदा गांव तक कच्ची सड़क को पक्की करवाने के लिए जिला कलेक्टर ने डीएमएफटी में प्रस्ताव रखने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने पास ही से गुजर रही देवास तृतीय टनल का जिक्र करते हुए स्थानीय स्तर पर पेयजल एवं सिंचाई सुविधा की मांग रखी। इस पर कलक्टर ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों के साथ बैठकर संवाद करने और उचित हल निकालने का आश्वासन दिया। कुछ स्थानों पर रास्ते के बीच आ रहे विद्युत पोल हटाने एवं कम क्षमता के ट्रांसफार्मर को उच्च क्षमता में बदलने की मांग भी सामने आई। जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मौका मुआयना कर त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। पंचायत मुख्यालय पर स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय को अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में बदलने की मांग ग्रामीणों ने रखी, जिस पर जिला कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को प्रस्ताव तैयार करने को कहा और विद्यालय के खेल मैदान हेतु भूमि आवंटन के प्रस्ताव भेजने के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए। पशु उप स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन के स्थान पर नवीन भवन बनाने, मोबाइल नेटवर्क सुचारु करने, विभिन्न गांव के बीच सड़क संपर्क सुधारने, शमशान भूमि तक सड़क बनाने सहित कई अन्य परिवाद ग्रामीणों ने प्रस्तुत किया जिनके संबंध में उचित निराकरण का आश्वासन दिया।
चौपाल में जिला परिषद सीईओ रिया डाबी, गोगुंदा एसडीएम शुभम् भाईसारे सहित चिकित्सा, शिक्षा, जलदाय, विद्युत, रसद, कृषि, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एवं अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

By Udaipurviews

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