सत्य की खोज का एक ही रास्ता है मौन- मुनि सुरेश कुमार पर्यूषण पर्व पाँचवां दिन : वाणी सयम दिवस
उदयपुर. डेढ इंच की जुबान अगर लड़खड़ा जाए तो जीवन जहन्नुम होकर रह जाता है। हम किसी को कुछ भी दे बस वाणी की दरिद्रता ना दे। मीठे बोलने वालों के करेले भी बिक जाते है और कड़वे बोलने वालों का शहद भी नहीं बिकता। यह बात आचार्य महाश्रमण के आज्ञानकर्मी शासन श्री मुनि सुरेश कुमार ने पर्यूषण पर्व के चौथे दिन वाणी संयम दिवस पर पर्यूषण आराधकों को सम्बोधित्त करते हुए कही। उन्होने कहा, मौन करने वालों के सारे प्रयोजन सिद्ध हो जाते हैं, प्रतिकुल परिस्थिति में उत्तेजना का उत्पन्न होना स्वभाविक है, यदि मन के आवेश को वाणी…
