सैयद हबीब
उदयपुर 29 जुलाई। चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या का दावा है कि बर्खास्त मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं कांग्रेस नेताओं के भ्रष्टाचार की लाल डायरी को विधानसभा में लहराया तो शहरी निकाय मंत्री शांतिलाल धारीवाल ने लात मारी थी। साथ ही विधायक अमीन कागजी ने उनके साथ मारपीट की थी। यदि गुढ़ा मामला दर्ज कराए तो वह गवाही देने को तैयार हैं। भाजपा विधायक शनिवार को चित्तौड़गढ़ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
भाजपा विधायक आक्या ने दावा किया कि जब बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने सदन में अपनी बात उठाने की कोशिश की तो विधानसभा में उनके साथ मारपीट की गई। ‘नहीं सहेगा राजस्थान’ अभियान के तहत आयोजित पत्रकार वार्ता में आक्या ने कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ जिले में और विधानसभा में जिस तरह का भ्रष्टाचार हुआ है, वह मैंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा। उन्होंने कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों के बेटों के ऊपर धार्मिक जमीनों को बेचने के एग्रीमेंट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह चुनाव के समय उन्हें जनता के समय सार्वजनिक करेंगे। विधायक ने कहा कि यूआईटी में कांग्रेस नेताओं के दलाल सेवानिवृत्ति के पांच साल भी काम कर रहे हैं, जो लाखों रुपए कमाकर उन्हें दे रहे हैं। च सालों तक उन्हीं जनप्रतिनिधियों के दलाल रिटायर होने के बाद भी टेंपरेरी रूप से काम करते रहे। उन्होंने यूआईटी अधिकारियों को चेताया कि भाजपा सरकार के आते ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दलालों के साथ कांग्रेस नेता तथा अधिकारी सलाखों के पीछे होंगे।
भाजपा विधायक बोले, गुढ़ा को मंत्री धारीवाल ने विधानसभा में मारी थी लात, कांग्रेस विधायक ने की थी पिटाई
