सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल कर ली वारदात की जिम्मेदारी
सात घंटे की समझाइश के बाद परिजनों ने उठाया शव
-सुभाष शर्मा
उदयपुर। शहर के रामपुरा चौराहे पर बीती रात बजरंग दल के संयोजक राजू तेली उर्फ राजेंद्र परमार की हत्या की जिम्मेदारी हिस्ट्रीशीटर प्रीतम सिंह उर्फ बंटी ने ली है। बंटी शहर के गोवर्धनविलास थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने भी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मान लिया है कि हत्यारा प्रीतम सिह है लेकिन 24 घंटे के दौरान कई जगह दबिश के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं।
वारदात के करीब तीन घंटे बाद सोमवार रात 11 बजे प्रीतम सिंह उर्फ बंटी नेक सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर राजू तेली की हत्या की जिम्मेदारी ली और लिखा कि राजू तेली अंबामाता थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर था और उसकी निगाह उसके मामा की करोड़ों की जमीन पर थी। इसलिए उसने राजू तेली की गोली मारकर हत्या कर दी। इधर, पुलिस का कहना है कि प्रीतम सिंह के पोस्ट के वायरल होने के बाद घटनास्थल पर मिले सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो यह पुष्टि तो हो गई कि उसकी हत्या प्रीतम सिंह ने की है। उसके दूसरे साथी की अभी तक पहचान नहीं हुई है। मंगलवार को प्रीतम सिंह की गिरफ्तारी के लिए दर्जनों जगह पुलिस ने दबिश दी लेकिन अभी तक उसका सुराग भी हाथ नहीं लग पाया।
गौरतलब है कि सोमवार रात करीब आठ बजे दो युवकों ने बजरंग दल के संयोजक राजू तेली की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय पास से बारात गुजर रही थी, जिसके चलते गोली चलने की आवाज किसी को सुनाई नहीं दी। जब लोगों ने राजू तेली को सड़क पर खून से लथपथ देखा तब घटना का पता चला। सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो दो युवकों को भागते देखा गया और अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्हीं ने राजू तेली की हत्या की।
सात घंटे की समझाइश के बाद उठाया शव, हिन्दू संगठनों ने उदयपुर बंद की चेतावनी दी
बजरंग दल के संयोजक राजू तेली का शव लेने को उसके परिजन तैयार नहीं हो रहे थे। सात घंटे की समझाइश के बाद वह माने और पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजनों को सौंपा गया। इससे पहले परिजनों की मांग थी कि जब तक प्रशासन उसके एक परिजन को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन नहीं देता, तब तक वह शव नहीं उठाएंगे। इस मामले में विश्व हिन्दू परिषद सहित विभिन्न संगठनों ने जिला प्रशासन एवं पुलिस को उदयपुर बंद की चेतावनी दी। विहिप उदयपुर महानगर के अध्यक्ष सुखलाल लोहार सहित अन्य संगठनों के नेताओं ने इस मामले में आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने राजू तेली को हिस्ट्रीशीटर बताए जाने पर आपत्ति जताई। जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रशील ठाकुर का कहना है कि राजू तेली उदयपुर की एक होटल मालिक के पिता की हत्या का आरोपित ही नहीं था, बल्कि उसके खिलाफ जान से मारने की धमकी, जमीनों पर अवैध कब्जे, सूदखोरी सहित कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। उन्होंने कहा कि राजू तेली शहर के अंबामाता थाने का हिस्ट्रीशीटर था।
राजू तेली को पता था हो सकता है हमला
बताया गया कि बजरंग दल संयोजक राजू तेली को पता था कि उस पर हमला हो सकता है। उसकी जमीन से जुड़े मामलों में विवाद चल रहा था और जान से मारने की धमकियां भी मिल रही थी। इसके चलते वह पिछले कुछ दिनों से अकेला बाहर नहीं निकलता था। हालांकि जिन लोगों ने उसे हत्या की धमकी दी, वे सभी इन दिनों जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। एक अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि जेल में बंद एक हिस्ट्रीशीटर उसकी हत्या अपने गैंग के सदस्यों से करवा सकता है, जिसने राजू तेली को जान से मारने की धमकी दी थी।
