टीएसपी क्षेत्र के जनजाति अभ्यर्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में मिलेगा निःशुल्क प्रवेश
उदयपुर, 7 जून। राष्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं कैटरिंग टेक्नोलॉजी परिषद से संबद्ध तथा पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार और राजस्थान सरकार की ओर से स्थापित राज्य होटल प्रबंधन संस्थान, उदयपुर में विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
संस्थान के प्राचार्य ने बताया कि संस्थान की ओर से बैचलर ऑफ साइंस एन हॉस्पिटेलिटी एण्ड होटल एडमिनिस्ट्रेशन, डिप्लोमा कोर्सेज में फ्रंट ऑफिस संचालन, खाद्य एवं पेय सेवा, हाउसकीपिंग संचालन, खाद्य उत्पादन (रसोई), लघु पाठ्यक्रम में हुनर से रोजगार संचालित हैं। इनमें किसी भी उम्र का 12 कक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र तथा अधिकारी जानकारी के लिए हिरण मगरी सेक्टर 14 स्थित संस्थान में संपर्क किया जा सकता है अथवा संस्थान की वेबसाइट पर लॉग-इन कर सकते हैं। प्राचार्य ने बताया कि संस्थान के डेढ वर्षीय ट्रेड डिप्लोमा पाठ्यक्रमों यथा फ्रन्ट ऑफिस ऑपरेशन, फूड प्रोडक्शन, फूड एंड बेवरेज सर्विस तथा हाउसकीपिंग ऑपरेशन में टीएसपी क्षेत्र के जनजाति अभ्यर्थियों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। उनका संपूर्ण प्रशिक्षण व्यय जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग उदयपुर द्वारा वहन किया जाएगा।
गृहिणियों व किशोरों के लिए विशेष कार्यशाला
राज्य होटल प्रबंधन संस्थान उदयपुर की ओर से खाना पकाने में रुचि रखने वाली गृहिणियों तथा किशोर-किशोरियों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रतिदिन नाश्ता विशेषताएं, चाइनीज क्यूज़ीन, इटैलियन डिलाइट्स, भारतीय स्वाद, कॉन्टिनेंटल क्रिएशन तथा मिठाई असाधारण सत्र होंगे। कार्यशाला में प्रतिदिन संभागियों के लिए प्रैक्टिकल सत्र होंगे तथा कार्यशाला के उपरान्त प्रमाण पत्र भी दिए जाए जाएंगे। कार्यशाला में भाग लेने का शुल्क 499 रुपए निर्धारित है। अधिक जानकारी एवं रजिस्ट्रेशन के लिए हिरण मगरी सेक्टर 14 स्थित राज्य होटल प्रबंधन संस्थान उदयपुर में संपर्क किया जा सकता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत 13 जुलाई को
लोक अदालत को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू
उदयपुर, 7 जून। माननीय सदस्य सचिव राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देशन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 13 जुलाई को किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव कुलदीप शर्मा ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक राजीनामा योग्य प्रकरणों के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिये गए हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के संबंध में वीसी के माध्यम से हुई बैठक में अधिकाधिक प्रकरणों को राष्ट्रीय लोक अदालत में रखने एवं निस्तारित करने के निर्देश प्रदान किये गए। एडीजे शर्मा ने बताया कि यदि पक्षकार प्रकरण को राष्ट्रीय लोक अदालत में रखवाना चाहते है तो जिस न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है उस न्यायालय में जाकर पीठासीन अधिकारी से निवेदन कर सकते हैं।
लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के तहत धारा 138 परक्राम्य विलेख अधिनियम, धन वसूली, श्रम एवं नियोजन संबंधी विवाद, बिजली, पानी एवं अन्य बिल भुगतान से संबंधित (अशमनीय के अलावा प्रकरण), भरण-पोषण से संबंधित प्रकरण, राजस्व विवाद, पैमाइश एवं डिवीजन ऑफ होल्डिंग सहित, सिविल विवाद, सर्विस मैटर्स, उपभोक्ता विवाद, अन्य राजीनामा योग्य विवाद (जो अन्य अधिकरणों, आयोगों, मंचों, अथॉरिटी व प्राधिकारियों के क्षेत्राधिकार से संबंधित है का निस्तारण किया जाएगा।
इसी प्रकार न्यायालय में लंबित प्रकरण के तहत राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, धारा 138 परक्राम्य विलेख अधिनियम (एन.आई.एक्ट), धन वसूली, एम.ए.सी.टी. के प्रकरण, श्रम एवं नियोजन संबंधी विवाद एवं कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के प्रकरण, बिजली, पानी एवं अन्य बिल भुगतान से संबंधित प्रकरण (अशमनीय के अलावा), पारिवारिक विवाद (तलाक को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रकरण, सभी प्रकार के सर्विस मैटर्स (पदोन्नति एवं वरिष्ठता विवाद के मामलों के अलावा), सभी प्रकार के राजस्व मामले, पैमाइश एवं डिविजन ऑफ हौल्डिंग सहित, वाणिज्यिक विवाद, बैंक के विवाद, गैर सरकारी शिक्षण संस्थान के विवाद, सहकारिता संबधी विवाद, स्थानीय निकाय (विकास प्राधिकरण, नगर निगम, आदि) के विवाद, रियल स्टेट, रेलवे क्लेम्स व आयकर संबधी विवाद, अन्य कर संबधी विवाद, उपभोक्ता एवं विक्रेता, सेवा प्रदाता के मध्य के विवाद, सिविल मामले (किरायेदारी, बंटवारा, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा, घोषणा, क्षतिपूर्ति एवं विनिर्दिष्ट पालना के दावे), अन्य राजीनामा योग्य ऐसे मामले जो अन्य अधिकरणों, आयोगों, मंचों, आथॉरिटी, प्राधिकारियों के समक्ष लंबित प्रकरण का आपसी राजीनामे से निस्तारण किया जाएगा।
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