उदयपुर, 22 जुलाई — “श्रद्धा और सबूरी” की भावना को जीवन में उतारते हुए उदयपुर निवासी मोहित आचार्य ने एक ऐसी प्रेरणादायक पदयात्रा पूर्ण की है, जिसने देशभर के साईं भक्तों के हृदय को छू लिया है। मोहित ने उदयपुर (राजस्थान) से शिरडी (महाराष्ट्र) तक लगभग 900 किलोमीटर की दूरी 22 दिनों में पैदल तय कर, साईं बाबा के चरणों में अपनी भक्ति और संकल्प का अद्वितीय परिचय दिया।
यह कठिन और तपस्वी यात्रा 2 जुलाई को पेसिफिक मेडिकल कॉलेज, उदयपुर से शुरू हुई थी और 21 जुलाई को शिरडी साईं मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। यात्रा के समापन पर शिरडी साईं सेवा संस्थान ट्रस्ट ने मोहित का भव्य स्वागत किया और उन्हें साईं बाबा के विशेष दर्शन का सौभाग्य प्रदान किया।
भक्ति की राह में तप और त्याग
मोहित आचार्य ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्होंने प्रतिदिन लगभग 40 से 50 किलोमीटर पैदल सफर तय किया। उनकी दिनचर्या सुबह 5 बजे प्रारंभ होती, दोपहर 11 बजे विश्राम, और फिर शाम 6 बजे से लेकर रात 9–10 बजे तक यात्रा जारी रहती थी। रात्रि विश्राम के लिए वह मंदिरों, धर्मशालाओं और भक्तों के आश्रय का सहारा लेते थे।
यात्रा के दौरान मोहित ने नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर, धुले जैसे कई शहरों को पार किया। इस दौरान उन्हें तेज़ गर्मी, बरसात, आंधी और धूलभरे तूफानों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन हर कठिनाई को उन्होंने साईं नाम की शक्ति से पार किया।
देशभर के भक्तों के लिए प्रेरणा
मोहित की यह यात्रा केवल भक्ति का नहीं, बल्कि आत्मिक शक्ति, मनोबल और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बन गई है। उनकी इस भावना ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि मन में श्रद्धा हो, तो कोई मार्ग कठिन नहीं होता। यह पदयात्रा अब देशभर के साईं भक्तों के लिए एक जीवंत प्रेरणा बन चुकी है।
