37 लाख 74 हजार रुपए हड़पने वाले भूमाफिया की अग्रिम खारिज

उदयपुर। बहनों की बिना सहमति के गोकुल विलेज स्थित मकान का सौदा कर 37 लाख 74 हजार रुपए हड़पने वाले भूमाफिया की अदालत ने अग्रिम जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया।
प्रकरण के अनुसार पांच मई 2023 को प्रतापनगर निवासी दौलत सिंह सिसोदिया ने एसपी को रिपोर्ट दी कि उसके मिलने वाले मुम्बई निवासी सीमा वी चपलोत पत्नी विनोद चपलोत और इनका भाई इकराकरकर्ता पारस जैन मार्फत श्रीमती राजकुमारी पत्नी ललित खाब्या ने परिवादी को अपने गोकुल विलेज स्थित मकान को बेचने के लिए संपर्क किया। मकान बेचने के लिए विक्रेता के भाई पारस जैन ने इकरारकर्ता के रूप में सीमा वी चपलोत से बात कराकर 65 लाख रुपए में सौदा कर उसके भाई पारस के नाम 20 लाख रुपए का चेक दिया। 11लाख 74 हजार रुपए नगद दिए। कुल 31 लाख 74 हजा२ रुपए एग्रीमेंट के दौरान दिए गए तथा शेष राशि एक मार्च 2023 को मकान की रजिस्ट्री के समय देना तय हुआ। परिवादी ने शेष राशि के लिए तितरड़ी स्थित स्वयं के प्लॉट का बेचान गत 25 जनवरी को करके इकरार कर्ता को मकान की रजिस्ट्री करवाने को कहा तो इकरारकर्ता ने छह लाख रुपए और ले लिए। जिनका भुगतान तीन तीन लाख रुपए के चेक के जरिए किया और कहा कि उक्त राशि रजिस्ट्री में समायोजन कर देंगे। चपलोत से उमरड़ा स्थित प्लॉट क्रय किया गया था इस वजह से जान पहचान हो गई और विश्वास होने पर गोकुल विलेज स्थित मकान का सौदा किया। आरोपी तीनों भाई बहनों पारस राजकुमारी एवं सीमा वी चपलोत की आपसी मिलीभगत कर बदनीयती से धोखाधड़ी कर अमानत में खयानत की और रंजिश के तहत उसकी जमा पूंजी हड़प ली। इस घटना की रिपोर्ट सविना थाने में दर्ज कराई। इस मामले में प्रभातनगर सेक्टर पांच मनवाखेड़ा निवासी पारस पुत्र शांतिलाल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक कपिल टोडावत व फरियादी के अधिवक्ता भंवरसिंह देवड़ा ने तर्क दिया कि गोकुल विलेज स्थित मकान का विक्रय इकरार कर उससे 37लाख 74 हजार रुपए लिए हैं आरोपियों से अनुसंधान व बरामदगी शेष है। ऐसे में आरोपियों को अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाना न्यायोचित नहीं है। आरोपी ने धोखाधड़ी करते हुए अपनी बहन सीमा वी चपेलात की सहमति के बिना गोकुल विलेज स्थित मकान का विक्रय इकरार कर 37 लाख 74 हजार रुपए हड़प लिए। ऐसे में आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाना न्यायोचित नहीं है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला एवं सेशन न्यायाधीश चंचल मिश्रा ने आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया।

By Udaipurviews

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