450 साल पुराने किले को स्थानीय सामग्री से पुनर्जीवित करने पर मिला अवार्ड
उदयपुर, 05 मई। शहर के जाने-माने वैज्ञानिक वास्तु सलाहकार, इंटीरियर आर्किटेक्ट डिजाइनर, धरोहर संरक्षक गौरव सिंघवी को हॉस्पिटैलिटी आर्किटेक्चर श्रेणी में ‘डिजाइन अनफिल्टर्ड’ अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हे उदयपुर में आयोजित “डिजाइन अनफिल्टर्ड कॉन्क्लेव उदयपुर एडिशन” में मिला।
गौरव सिंघवी ने उदयपुर के उत्तर-पश्चिम इलाके में स्थित लगभग 450 वर्ष पुराने किले के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया है। इस प्रोजेक्ट में उन्होंने स्थानीय सामग्री, पारंपरिक रंगों, और क्षेत्रीय पौधों व वृक्षों का उपयोग करते हुए किले की मूल संरचना और पहचान को सुरक्षित रखा। साथ ही किले के लगभग 30 प्रतिशत क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण भी मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए किया गया। इससे किले की 90 प्रतिशत से अधिक मूल संरचना को ज्यों का त्यों संरक्षित रही। किले की दीवारें, मुख्य द्वार और स्थानिक स्वरूप बिना किसी बदलाव के बनाए रखे गए, जिससे उसकी ऐतिहासिक असलियत कायम रही। इस प्रोजेक्ट में पूरी तरह से स्थानीय सामग्री, पत्थर, संगमरमर और पारंपरिक कारीगरी का उपयोग किया गया। कोटा स्टोन की जालियां, पारंपरिक झरोखे और घोकड़ा, प्राकृतिक रंगों जैसे येलो ओखर का प्रयोग, भीतरी दीवारों पर पारंपरिक फ्रेस्को आर्ट किया गया, जिसमें मेवाड़ी ब्लू, डीप पिंक और कृष्ण लीला थीम्स के माध्यम से संस्कृति और सौंदर्य को जीवंत किया गया। प्रोजेक्ट के दौरान सभी मौजूदा पेड़ों को सुरक्षित रखा गया और उन्हें डिजाइन का हिस्सा बनाया गया। बंजर भूमि को हरे-भरे लैंडस्केप में बदलते हुए, प्राकृतिक पाथवे और गार्डन विकसित किए गए। जैसे ओवरहेड वाटर टैंक को पारंपरिक गुंबद के रूप में डिजाइन किया गया, ताकि किले की स्काईलाइन प्रभावित न हो। साथ ही, ओपन-टू-स्काई स्विमिंग पूल को स्थानीय सामग्री से पुरानी बावड़ी की शक्ल में तैयार किया गया।
इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव में वीकेंड होम्स फार्महाउस, रेजिडेंशियल आर्किटेक्चर, कॉर्पोरेट बिल्डिंग, इंस्टीट्यूशनल, हॉस्पिटैलिटी आर्किटेक्चर, हॉस्पिटैलिटी इंटीरियर्स, कैफे बार लाउंज, रिटेल आउटलेट्स, हेल्थकेयर, रेजिडेंशियल इंटीरियर्स, डिजाइन विजन और ऑन-गोइंग प्रोजेक्ट्स जैसी विभिन्न श्रेणियों में कुल 175 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। इनमें से केवल 39 प्रोजेक्ट्स को नामांकन के लिए चुना गया।
गौरव सिंघवी की यह उपलब्धि न केवल उदयपुर बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है। इस उपलब्धि पर गौरव सिंघवी ने कहा- “सच्चा डिजाइनर विरासत को दबाता नहीं, बल्कि उसे सामने लाता है। यह प्रोजेक्ट मेरे लिए केवल एक कार्य नहीं, बल्कि इतिहास के प्रति एक जिम्मेदारी थी। यह प्रोजेक्ट केवल निर्माण नहीं, बल्कि संरक्षण और संवेदनशील पुनर्स्थापना का उदाहरण है।
