प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव जन्म कल्याणक महोत्सव प्रथमेश का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव आज,धर्मसभा के लिये टाउनहाॅल सजा, शोभायात्रा का जगह-जगह होगा स्वागत

उदयपुर। समग्र जैन समाज की ओर से श्री मेवाड़ जैन युवा संस्थान द्वारा ’जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर, युग सृष्ठा भगवान श्री ऋषभदेव का जन्म एवम् तप कल्याणक महोत्सव’प्रथमेश 2026’ कल 12 मार्च को धूमधाम से मनाया जायेगा।
सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष शान्तिलाल वेलावत ने बताया कि गुरुवार को प्रातः 7 बजे जैन धर्म के साधु-सन्तों के सानिध्य में नगर निगम प्रांगण’ में ’ध्वजारोहण’ के साथ ही शहर में भ्रमण के लिये शोभायात्रा प्रारम्भ होगी। शहर में 20 स्वागतद्वार लगाये जा रहे है।  टाउनहाॅल में शोभायात्रा के पश्चात् रत्नत्रयधारी साधुवृन्दों के आशीर्वचन होंगे।
समाज के प्रमुख महेन्द्र टाया ने बताया कि शोभायात्रा में श्री जिनेंद्र प्रभु का रथ, हाथी, घोड़े, बग्गियों, बैंड, ढोल,महिला बैण्ड घोष साथ चलेगा। शहर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा सहित आचार्य संघ-आर्यिका संघ 51 से अधिक पिछीधारी संतों का संघ श्रावक- श्रविकाओ का समूह प्रभु भक्ति में प्रस्थान करेंगे।
शोभायात्रा ’टाउन हॉल से प्रारंभ होकर सूरजपोल चैराहा, झीनीरेत,मार्शल चैराहा,मंडी की नाल,देहलीगेट,बापू बाजार, होते हुए टाउन हॉल में सम्पन्न होगा। इस शोभायात्रा में महिला प्रकोष्ठ से श्रीमती लीला कुर्दिया, सुशीला कारवां ,अर्चना पटवारी,रेखा लोलावत,संगीता गोददोत ,निर्मला सोनी आदि के सहयोग से 24 से अधिक जीवंत झांकी, महिला मंडल के घोष, प्रभु के जन्मोत्सव की बधाई का गायन,वादन करते हुए चलेंगे। शोभायात्रा के समापन के पश्चात नगर निगम प्रांगण ,टाउन हॉल’ में धर्म सभा का आयोजन होगा,जिसकी पूरी तैयारी की जा चुकी है। जिसमें समाज प्रमुख श्रेष्ठियों द्वारा प्रभु का चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन अलंकरण समारोह आदि मांगलिक क्रियाएँ सम्पादित होगी। टाया ने शहर के सभी समाजजनों से इस शाोभायात्रा में भाग लेने का आव्हान किया है।
संगठन के उपाध्यक्ष पारस कुणावत, विमल नाथुत, मनोज गदिया,अरूण लुणदिया,अनिल सकरावत,राजेश गदावत,राजेन्द्र चित्तौड़ा,संजय गंागावत,प्रितेश वगेरिया,रविश मुण्डलिया आयोजन की तैयारियों में लगे हुए है।
संस्थान के महामंत्री डॉ.राजेश देवड़ा व मंत्री गौरव गनोडिया ने बताया कि मंगलाचरण के उपरांत उदयपुर नगर में विराजित ’आचार्यकल्प 108 श्री पुण्यसागरजी ससंघ, आचार्य 108 श्री विहर्षसागरजी ससंघ,आचार्य 108 श्री मयंकसागरजी ससंघ, ’गणिनी आर्यिका 1.5 श्री सुप्रकाशमति माताजी संसघ ,गणिनी आर्यिका 105 श्री सुभूषणमति माताजी ,आर्यिका 105 श्री चैत्यमती जी ससंघ आर्यिका 105 श्री नमनश्रीजी ससंघ ,आर्यिका 105 श्री प्रसन्नमति माताजी’ की उपस्थित रहेगी। जिनके धर्मौपदेश से जनता लाभान्वित होगी।
संस्थान के कोषाध्यक्ष हेमन्द्र दामावत,अशोक गोड़दोत ने बताया कि कार्यक्रम के पश्चात सभी साधर्मी श्रावक-श्राविकाओं के लिये स्वामी वात्सल्य की व्यवस्था रखी जाएगी।

By Udaipurviews

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