पीड़ित और जरूरतमंद को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के लिए हों प्रयास – श्री देवनानी

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बार एसोसिएशन उदयपुर की नवीन कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह
उदयपुर, 3 जनवरी। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अधिवक्ता समाज की महत्वपूर्ण धूरी है। न्याय के प्रति विश्वास को कायम रखने में उनकी विशेष भूमिका है। अधिवक्ता अपने कार्य में शुचिता, सौहार्द और संवेदनशीलता का सम्मिश्रण करते हुए पीड़ित और जरूरतमंद को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के लिए प्रयास करें।

श्री देवनानी शनिवार को आरएनटी मेडिकल कॉलेज के न्यू ऑडिटोरियम में उदयपुर बार एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्ञानप्रकाश गुप्ता ने की। विशिष्ट अतिथि उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य जस्टिस रामचंद्रसिंह झाला तथा अतिरिक्त महाधिवक्ता डॉ प्रवीण खण्डेलवाल रहे। प्रारंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। निवर्तमान अध्यक्ष चंद्रभानसिंह शक्तावत, महासचिव महावीरप्रसाद शर्मा, नव निर्वाचित अध्यक्ष जितेंद्र जैन, महासचिव लोकेश गुर्जर सहित पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। बार एसोसिएशन उदयपुर की परंपरा के अनुसार निवर्तमान अध्यक्ष श्री शक्तावत ने नवीन अध्यक्ष श्री जैन को शपथ दिलाई। वहीं अध्यक्ष श्री जैन ने महासचिव सहित कार्यकारिणी को शपथ ग्रहण कराई।

आजादी की लड़ाई में वकीलों की महती भूमिका
समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था का इतिहास काफी प्राचीन है। मनुस्मृति और कौटिल्य अर्थशास्त्र में भी इसका उल्लेख है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अधिवक्ताओं का बड़ा योगदान रहा है। महात्मा गांधी, सरकार वल्लभभाई पटेल, लाला लाजपत राय, चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य, चितरंजन दास जैसे अनेकों अनेक स्वतंत्रता सैनानी पेशे से वकील रहे हैं। आजादी के बाद भारत के संविधान की रचना में भी अधिवक्ताओं की खास भूमिका रही है। समाज में न्याय की प्रतिष्ठा और सामाजिक संतुलन को बनाए रखने में आज भी अधिवक्ताओं की प्रांसगिकता स्वयं सिद्ध है।

केवल मुकदमा जीतना नहीं, न्याय की सुनिश्चितता का रखें ध्येय
श्री देवनानी ने कहा कि अधिवक्ता का कार्य सिर्फ अपने मुवक्किल के पक्ष में मुकदमा जीतना नहीं होना चाहिए, अपितु न्याय की सुनिश्चितता का ध्येय सर्वार्परि होना चाहिए। कानून पर समाज का भरोसा कायम रखने की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और बैंच-बार की समान रूप से है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता युवाओं को प्रेरित और संस्कारित करें, ताकि न्याय की गरिमा बनी रहे।

न्याय की देवी के आंखों से हटी पट्टी
श्री देवनानी ने कहा कि न्याय की देवी की आंखों पर पट्टी थी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने वह पट्टी हटा दी है। इससे न्याय के प्रति पारदर्शिता और निष्पक्षता के भाव और अधिक मजबूत होंगे।

सेतु की भूमिका निभाने का आश्वासन
कार्यक्रम में बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष से उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की लंबित मांग को पूर्ण कराने में सहयोग की अपील की। इस पर श्री देवनानी ने आश्वस्त किया कि बार प्रतिनिधिमंडल के जयपुर आगमन पर मुख्यमंत्री, कानून मंत्री आदि से मुलाकात में वे सेतु की भूमिका निभाएंगे। साथ ही अपनी ओर से भी इसके लिए वकालत करेंगे।

By Udaipurviews

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