प्रतापगढ़। राजस्थान के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अन्य राज्यों में जाना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने गुजरात के मान्यता प्राप्त अस्पतालों में भी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कैशलेस एवं ‘आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी’ के तहत नि:शुल्क उपचार की सुविधा लागू कर दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। यह नई व्यवस्था 15 दिसंबर से प्रभावी हो गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा ने बताया कि राजस्थान का कोई भी आयुष्मान कार्डधारी अब देशभर में कहीं भी, विशेष रूप से गुजरात में, कैंसर, किडनी एवं हृदय जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्राप्त कर सकेगा। अब तक हजारों मरीज इलाज के लिए गुजरात जाते रहे हैं, लेकिन उन्हें योजना का सीधा लाभ नहीं मिल पाता था। इस निर्णय से गंभीर रोगियों को आयुष्मान योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
