विधार्थियों ने भारतीय संस्कृति को उतारा मंच पर
विद्यार्थियों ने राजस्थानी, पंजाबी, गुजराती रिमिक्स गानों पर जमकर दी प्रस्तुतियाॅ
संभाजीराजे की नाट्य प्रस्तुति ने सभी को किया भावुक
उत्कृष्ट विधार्थियों का किया सम्मान
जीवन में आगे बढने के लिए आत्म विश्वास, लक्ष्य निर्धारित एवं निस्वार्थ भाव जरूरी – प्रो सारंगदेवोत
उदयपुर 05 दिसम्बर / राजस्थान विद्यापीठ के संघटक माणिक्यलाल वर्मा श्रमजीवी महाविद्यालय के अन्तर्गत संचालित शिक्षा संकाय के बीए बीएड, बीससी बीएड की ओर से महाविद्यालय के सभागार में आयोजित वार्षिकोत्सव शाश्वत 2025 का आगाज कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत, प्राचार्य डाॅ. सुनिता मुर्डिया, प्रो. मलय पानेरी, डाॅ. हेमेन्द्र चैधरी, डाॅ. धमेन्द्र राजौरा ने माॅ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं दीपदान कर किया।
वार्षिकोत्सव के नाम के अनुरूप ही विद्याार्थियों ने भारतीय संस्कृति के विभिन्न रूपों को जीवन्त करते हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुुतियां दी गई, जिसकी शुरूआत गणपति वंदना, राजस्थानी लोक नृत्य, मराठी लावणी, बंगाली नृत्य सहित संभाजीराजे नाट्य प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथि एवं दर्शकों को मंत्रमूग्ध व भावुक कर दिया।
महाविद्यालय द्वारा आयोजित क्रिकेट, खो खो, विभिन्न प्रकार की दौड़, मेहंदी, सलाद डेकोरेशन, एकल गीत, विचित्र वेशभूषा, आशुभाषण, रंगोली, फेस पेंटिंग, काव्य पाठ, वन मिनट गेम, केश सज्जा, नेल आर्ट, मांडना, एकाभिनय, युगल नृत्य विराउट गैस कुकिंग, प्रश्नोत्तरी, समूह नृत्य, समूह लोक गीत, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित करते हुए कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि यदि वे आत्म विश्वास, लक्ष्य निर्धारित एवं निस्वार्थ भाव से आगे बढ़ेगे तो जीवन में कभी असफल नहीं होगें। हमें समाज, परिवार, देश के लिए भी जीना चाहिए। स्वामी विवेकांद के अनुसार हमें एक समय में एक ही काम पुरी निष्ठा , ईमादारी एवं समर्पण के साथ करना चाहिए।
प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य डाॅ. सुनिता मुर्डिया ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह में अतिथियों द्वारा डाॅ. दर्शना दवे द्वारा सम्पादित पुस्तक दक्षिणी राजस्थान के चयनित आर्दभूमियों के जूप्लैंकट का पारिस्थितीकी का विमोचन किया गया।
डाॅ. अर्पिता मटठ्ा, डाॅ. ओजस्वी सारंगदेवोत ने किया जबकि आभार डाॅ. प्रिया चैहाऩ ने ज्ञापित किया।
अवसर पर डॉ. ललित श्रीमाली, डॉ. नीतू पंवार, डॉ. दर्शना दवे, डॉ.अर्पिता मट्ठा, डाॅ. प्रिया चैहा, ओजस्वी सारंगदेवोत, मोनिका शांडिल्य, नलिनी चुंडावत, डाॅ. धीरेन्द्र सिसोदिया, डाॅ. दिपेश वत्स, संजय भारद्वाज, डॉ. दीपक दशोरा सहित महाविद्यालय के संकाय सदस्य एवं विधार्थियों ने जमकर लुफ्त उठाया।
