उदयपुर। श्री जैन श्वेता. वासुपूज्य महाराज मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान मंे आज श्री जिनरत्नमणि आराधना भवन दादावाड़ी’ में चातुर्मासरत साघ्वी रत्ना विरल प्रभा श्रीजी, विपुल प्रभा श्रीजी एवं कृतार्थ प्रभा श्रीजी के मर्मस्पर्शी, प्रेरणादायी प्रवचन के अंतर्गत पहली बार पुद्गगल वोसराने की अद्भुत क्रिया, कर्म और जीव की अदालती जीवंत नाटिका की प्रस्तुति दर्शाई गई।
इस अवसर पर मौजूद श्रावक-श्राविकाओं ने श्रावक श्राविकाओं ने इस प्रस्तुति की मुक्तकंइ से सराहना की और अठारक पाप स्थानक लिए प्रभु के बताए गए मार्ग पर चलने हेतु नियम लिए। जीवंत नाटिका में खरतर गच्छ महिला परिषद् की बहिनों ने बखूबी शानदार पात्रता निभाई ,जिसमें वन्दना गन्ना,माया सिरोया, अनिता सिरोया, पूजा बहिन, सुषमा नाहर, हिना नागौरी, मनीषा तातेड, ऋतु बहिन ने साध्वी श्री कृतार्थ प्रभा श्रीजी के निर्देशन में अदभुत नाटिका प्रस्तुत की। सचिव दलपत दोशी ने बताया कि साध्वीश्री के प्रवचन प्रतिदिन प्रातः साढ़े नौ बजे से हो रहे है।
पुद्गगल वोसराने की अद्भुत क्रिया, कर्म और जीव की अदालती जीवंत नाटिका की हुई प्रस्तुति
