चेहलुम के अवसर पर 30,000 से अधिक समुदाय के सदस्य एकत्रित’
उदयपुर। विश्वव्यापी दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु परमपावन सैयदना मुफ़द्दल सैफ़ुद्दीन साहब ने गुरुवार को चेहलुम के अवसर पर दिये गये भावपूर्ण संबोधन में सुसंस्कृत जीवन का संदेश दिया। करबला, इराक में पैग़ंबर मोहम्मद (स.अ.व.) के नवासे, इमाम हुसैन की शहादत के बाद 40वें दिन की याद में चेहलुम मनाया जाता है। उदयपुर और विदेशों से लगभग 28,000 दाऊदी बोहरा सदस्य बुरहानी मस्जिद परिसर तथा शहर और आसपास के अन्य केंद्रों में प्रवचन को सुनने के लिए एकत्र हुए।
सैयदना साहब ने “उदय” अर्थात सूर्याेदय, के रूपक का उपयोग करते हुए कहा कि जैसे एक शुभ शुरुआत और उद्देश्यपूर्ण जीवन का अंत सकारात्मक होता है, वैसे ही हर नेक इरादा और अच्छा कर्म इंसान को सदाचार और सफलता के मार्ग पर ले जाता है। उन्होंने बताया कि जैसे सूर्याेदय एक नये दिन का वादा लेकर आता है, वैसे ही हर अच्छा कार्य एक नई यात्रा का प्रारंभ करता है जो सद्गति की ओर ले जाती है।
युवाओं को संबोधित करते हुए सैयदना साहब ने शिक्षा, अनुशासन और शारीरिक स्वास्थ्य को सफल जीवन के तीन प्रमुख स्तंभ बताया। उन्होंने सूर्याेदय देखने के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक लाभों का भी उल्लेख किया। अपने संबोधन के अंत में सैयदना साहब ने इमाम हुसैन को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और अन्याय के विरुद्ध उनके अडिग संकल्प की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
सैयदना मुफ़द्दल सैफ़ुद्दीन अपनी यात्राओं के दौरान दिये जाने वाले प्रवचन में वैश्विक मुद्दों और स्थानीय समुदाय की चुनौतियों दोनों का जिक्र करते हैं। ये प्रवचन पारंपरिक मान्यताओं को समकालीन संदर्भों से जोड़ते हैं। वे श्रोताओं से सीधे संवाद करते हैं, विशेष रूप से बच्चों से, जिन्हें आगे बैठाया जाता है।
उदयपुर के दाऊदी बोहरा समुदाय के बारे में- लगभग 15,000 दाऊदी बोहरा सदस्यों का घर, उदयपुर का यह समुदाय शहर की सामाजिक व आर्थिक संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अपनी उद्यमशीलता के लिए प्रसिद्ध, इस समुदाय के कई सदस्य व्यवसाय में संलग्न हैं और साथ ही नागरिक कल्याण, स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देते हैं। प्रोजेक्ट राइज़ जैसे वैश्विक अभियानों के माध्यम से, वे स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के साथ मिलकर जीवन की गुणवत्ता सुधारने में सहयोग करते हैं,जो प्रगति, शांति और सौहार्द के समुदायिक मूल्यों को दर्शाता है।
