उदयपुर, 5 जुलाई। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जिनाय समिति सेक्टर-4 में परम पूज्य साध्वी कीर्तिरेखाश्री जी म.सा. की पूज्य शिष्या साध्वी श्री वृद्धिरेखाश्री जी, साध्वी श्री दीप्तिरेखाश्री जी एवं साध्वी श्री ऋषिरेखाश्री जी म.सा. आदि ठाणा-3 का चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश हुआ, जहां चार माह तक धर्म की गंगा बहेगी।
समिति के अध्यक्ष सुशील बांठिया ने बताया कि शनिवार को प्रातः 8 बजे शुभ मुहूर्त में साध्वीवर्याओं ने सेक्टर-4 स्थित श्रीदिव्य कुसुमायतन संस्थान से गाजेबाजे के साथ चतुर्विध संघ के साथ श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जिनालय समिति में भव्य मंगल प्रवेश किया। प्रवेश के समय आगे साध्वीवर्याएं चल रही थी, इनके पीछे श्रावक श्राविकाएं एवं इनके पीछे महिला मंडल की सदस्याएं मंगल कलश लेकर चल रही थी। प्रवेश के पश्चात साध्वी श्री वृद्धिरेखाश्री जी ने मांगलिक प्रदान की। साध्वीश्री ने कहा कि यह पूरा संसार दीपक अर्थात आग की तरह सुलग रहा है उसमें परमात्मा की वाणी जिनवाणी मेघ मल्हार के समान लगी हुई आग का शान्त करती है। चौमासे में सत्संग, सद्ग्रंथ, सत्पथ की प्राप्ति होती है। सत्संग से सद्बुद्धि और शुभ भावों में स्थिरता होती है। इससे पूर्व समिति अध्यक्ष श्री सुशील बांठिया के निवास पर नवकारसी का आयोजन किया गया।
साध्वी श्री वृद्धिरेखाश्री जी ने किया चातुर्मासिक मंगल प्रवेश
