उदयपुर, 5 मई। राजस्थान सरकार के स्वायत शासन विभाग, जयपुर द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 8 मई 2025 को वैशाख शुक्ला ग्यारस के अवसर पर राज्यभर में ‘अहिंसा दिवस’ मनाया जाएगा। यह दिन श्रमण संघीय आचार्य देवेन्द्र मुनि की पुण्य स्मृति को समर्पित है, जिनकी 26वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में यह आदेश पारित किया गया है।
इस अवसर पर राज्य में पशुवध, मांस-मछली की बिक्री और बूचड़खानों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस निर्णय का उद्देश्य प्रदेश में अहिंसा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है।
उदयपुर में सख्ती से पालन की अपील : श्री तारक गुरु जैन ग्रंथालय के मंत्री रमेश खोखावत ने जिला कलेक्टर और नगर परिषद आयुक्त को पत्र लिखकर इस आदेश को सख्ती से लागू करने की अपील की है। उन्होंने आग्रह किया है कि उदयपुर क्षेत्र में मांस-मछली की दुकानों को बंद रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं। इसके साथ ही, आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
देवेन्द्र मुनि: जैन समाज के अग्रणी संत : उदयपुर के वर्डिया कुल में जन्मे आचार्य देवेन्द्र मुनि ने मात्र 9 वर्ष की आयु में जैन दीक्षा ग्रहण कर एक नई मिसाल कायम की। उन्होंने अपने जीवन में 400 से अधिक पुस्तकों का लेखन और संपादन किया। सात दशकों तक देशभर में पदयात्रा कर लाखों लोगों को व्यसन मुक्त बनाया। आचार्य देवेन्द्र मुनि ने श्रमण संघ के 1200 से अधिक साधु-साध्वियों का मार्गदर्शन कर उदयपुर को गौरवान्वित किया। उनका स्मारक ‘देवेन्द्र धाम’ उदयपुर में स्थित है, जो उनकी अमर स्मृति का प्रतीक है।
प्रदेश सरकार का यह आदेश राज्य में अहिंसा की परंपरा को मजबूती प्रदान करने का एक प्रयास है। संबंधित क्षेत्र के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इस आदेश का उल्लंघन रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
