उदयपुर, 4 सितम्बर (पंजाब केसरी): दैनिक जीवन में जैसे-जैसे मोबाइल का उपयोग बढ़ रहा है वैसे-वैसे साइबर क्राइम का स्तर भी बढ़ रहा है। साइबर ठग आए दिन लोगों के खाते से कभी लिंक भेज कर, कभी ओटीपी भेज कर, तो कभी नौकरी का झांसा देकर पैसे ऐंठ रहे हैं। साइबर ठगी के शिकार लोगों के लाखों रुपय रिकवर करवाने वाले सवीना थाने के साइबर एक्सपर्ट कॉन्सटेबल सुशील कुमार जानू ने बताया कि इंटरनेट की दुनिया में साइबर ठगों से सावधान रहना बेहद जरूरी है। साइबर फ्राॅड होने पर 1930 पर काॅल तथा cybercrime.gov.in पर लाॅगिन कर तुरन्त शिकायत दर्ज कराएं। यदि नंबर लगातार व्यस्त आए तुरंत साइबर एक्सपर्ट की सहायता लें, ताकि समय रहते साइबर ठगों पर नकेल कसी जा सके। साईबर फ्रॉड के बचाव के लिए निम्न बातों को ध्यान रखें—
1. किसी से भी ओटीपी/पिन/सीवीवी नंबर शेयर न करें।
2. ऑनलाईन एकान्ट्स/नेटबैंकिग के Alphanumeric special character के साथ जटिल पासवर्ड रखें।
3. नाम/मोबाईल नंबर/जन्मतिथि को पासवर्ड न बनाएं।
4. लाॅटरी/कैशबैक/रिफण्ड/जॉब्स/गिफ्ट इत्यादि ऑनलाइन प्रलोभनों से सावधान रहें।
5. यूपीआई पिन व क्यूआर कोड स्कैन का प्रयोग केवल भुगतान करने के लिए किया जाता है, न कि धन राशि प्राप्त करने के लिए।
6. सोशल मीडिया एकाउन्ट्स पर Two step verification/Two factor authentication ऑन रखें।
7. कस्टमर केयर का नंबर कभी भी गूगल से सर्च न करें, केवल आधिकारिक वेबसाईट से ही प्राप्त करें।
8. मोबाइल डिवाइस का GPS/Bluetooth/NFC/hotspot/WiFi आवश्यक होने पर ही ऑन रखें।
9. अनजान लोगों से प्राप्त होने वाली वीडियो काॅल रिसीव न करें और ना ही फ्रेन्ड रिक्वेस्ट स्वीकार करें।
10. पब्लिक WiFi में ऑनलाईन शॉपिंग या बैंकिंग ट्रांजक्शन न करें।
11. अनजान क्यूआर कोड स्कैन/लिंक पर क्लिक न करें।
12. अनजान व्यक्ति के कहने पर Remote access Apk Anydesk, Teamviewer, Airdrop, Meadmin, Airminer इत्यादि एप्लिकेशन इन्स्टाॅल या डाउनलोड न करें।
13. Automatic forwarding एप्लीकेशन इन्स्टाॅल या डाउनलोड न करें।
14. Whatsapp, instagram, facebook, truecaller की DP में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम वर्दी पहने फोटो या किसी परिचित व्यक्ति का फोटो दिखाई देने पर तत्काल विश्वास न करें। कोई भी लेनदेन करने से पूर्व परिचित व्यक्ति से काॅल कर सत्यापन करें।
15. ऑनलाईन सोशल साइट पर पर्सनल फोटो/वीडियो शेयर न करें।
16. Like/review/ratings के नाम पर घर बैठे रुपए कमाने के लालच में न आएं और ना ही invest करें।
17. आरबीआई द्वारा स्वीकृत बैंकिंग/नाॅन बैंकिंग वित्तिय संस्थानों के अधिकृत लाॅन ऐप से ही लाॅन लें।
18. गलत या धोखे से गलत व्यक्ति के खाते में यूपीआई से धनराशि ट्रांसफर होने पर www.npci.org.in पर
ऑनलाईन शिकायत दर्ज करें।
इस बारे में जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने कहा की किसी भी तरह की साइबर ठगी के मामले में 1930 पैन इंडिया टोल फ्री नंबर है। हो सकता है अत्यधिक व्यस्त रहने की वजह से इस पर शिकायत दर्ज करने में थोड़ा वक्त लगे लेकिन होती जरूर है। इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव के कारण प्रत्येक जिले में एक साइबर थाना बनाया गया है और हम प्रयासरत है कि बहुत जल्द हर थाने में साइबर ठगी से निपटने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ हो। लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते अभी ऐसा कर पाना संभव नहीं हो पा रहा। लेकिन बहुत जल्द हम इस टारगेट को भी पूरा कर लेंगे।
