बांसवाड़ा, 8 मई/बांसवाड़ा आकाशवाणी के केन्द्र निदेशक महेन्द्र कुमार मीणा ने भारतीय संस्कृति और परम्पराओं के संरक्षण-संवर्धन, सामाजिक समरसता और माधुर्य के साथ लोकमंगल की दिशा में संचालित कार्यकलापों को और अधिक रफ्तार दिए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है और कहा है कि इस दिशा में सामूहिक एवं समर्पित प्रयासों की अहम् भूमिका का विस्तार समय की जरूरत है।
केन्द्र निदेशक मीणा ने गायत्री मण्डल द्वारा संचालित श्री पीताम्बरा आश्रम में साँस्कृतिक- आध्यात्मिक चर्चा बैठक में यह उद्गार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जागरण के साथ ही नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के क्षेत्र में व्यापक प्रयासों की आज आवश्यकता है। इसके लिए नई पीढ़ी में संस्कार संवहन एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संवहन के लिए हर स्तर पर समाजोन्मुखी प्रकल्पों का संचालन जरूरी है।
उन्होंने गायत्री मण्डल द्वारा संचालित गतिविधियों पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए श्री पीताम्बरा आश्रम में नियमित रूप से संचालित रचनात्मक एवं प्रेरक कार्यों को अनुकरणीय बताया और कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों में सहभागिता निभाने सभी को आगे आना चाहिए।
केन्द्र निदेशक ने श्री पीताम्बरा आश्रम एवं परिसर का अवलोकन किया तथा निरन्तर हो रहे विकास, विस्तार एवं निर्माण कार्यों की सराहना की। ख़ासकर आश्रम परिसर में हो रहे व्यापक वृक्षारोपण को उन्होंने अत्यन्त सुकूनदायी बताया।
मण्डल की ओर से अभिनन्दन
आश्रम परिसर स्थित श्री हनुमत्पीठ में गायत्री मण्डल के सदस्य एवं श्री पीताम्बरा आश्रम कें मुख्य साधक मनोहर एच. जोशी ने केन्द्र निदेशक को उपरणा पहनाकर अभिनन्दन किया। इस अवसर पर आकाशवाणी की उद्घोषक एवं साहित्यकार श्रीमती प्रेरणा उपाध्याय तथा वयोवृद्ध साहित्यकार मोहनदास वैष्णव का भी उपरणा पहनाकर अभिनन्दन किया गया।
आरंभ में गायत्री मण्डल की ओर से श्री पीताम्बरा आश्रम के कार्यक्रम समन्वयक पं. मनोज नरहरि भट्ट एवं यज्ञार्चन साधक पं. जय रणा, गिरीश जोशी ‘रामायणी’, पं. देवेन्द्र शुक्ल आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। इससे पूर्व केन्द्र निदेशक महेन्द्र कुमार मीणा ने श्री हनुमानजी के श्रीविग्रह के दर्शन किए।
