वृद्धा की हत्या कर पैर काटकर जेवर लूटने वाले अभियुक्त को उम्रकैद

-राजेश वर्मा
उदयपुर 30 सितम्बर। किराएदार द्वारा आठ वर्ष पूर्व वृद्धा की गला घोट हत्या कर पैर काटकर कडे व जेवरात लूट कर लाश को छिपाकर सबूत नष्ट करने के अभियुक्त को अदालत ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
प्रकरण के अनुसार प्रतापनगर थाने में पांच जुलाई 2015 को रामचंद्र ने रिपोर्ट दी कि उसकी 80 वर्षीय मां मोहनीबाई उर्फ मोहन पिता की मृत्यु के बाद उत्तरी सुंदरवास में रहती थी और दो कमरे किराए पर दे रखे थे। वह रेलवे में नौकरी करता है और प्रतिदिन खेमली से उदयपुर आते जाते समय 3 जुलाई 2015 को मां मोहनीबाई से मिलकर गया था। वापस मां से मिलने गया तो कमरे को ताला लगा था। आसपास पूछा तो सभी ने यही कहा कि उसकी मां आज न जर नहीं आई। ्िरकराए दार ने भी यही जवाब दिया। इस पर प्रतापनगर थाने में मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दी। यह भी बतायाकि मां ने पांव में चांदी के कड़े व नाक मेें सोने की नथ, तीन मर्किया, मादलिया, व सोने के मोती पहने हुए हैं। घर आकर देखा तो किराएदार रमेशचंद्र की दीवार पर खून के धब्बे लगे थे इस पर शंका हई पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पाया कि देवलिया कला भिनाई हाल भोमिया कॉलोनी उत्तरी सुंदरवास निवासी रमेशचंद्र पुत्र रामस्वरुप ब्राह्मण ने मकान मालिक 80 वर्षीय मोहनीबाई की गला घोंटकर धारदार हथियार से पैर काट गहने लूट लिए और सबूत नष्ट करने की नीयत से लाश को छिपा दिया। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भादसं की धारा 302, 201,394 व 397 में आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक संदीप श्रीमाली एवं फरियादी पक्ष की ओर से युवा अधिवक्ता जयप्रकाश ने 24 गवाह व 41 दस्तावेज प्रदर्शित किए। हत्या के चश्मदीद गवाह किशोर ने अभियोजन कहानी की पुष्टि की। आरोपी की निशानदेही से वारदात में प्रयुक्त हथियार लूटे हुए जेवर व घटना के दौरान पहने हुए खून से सने कपड़े जब्त होने के पुख्ता साक्ष्य अभियोजन पक्ष की ओर स९ पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे क्रम-चार के पीठासीन अधिकारी जयमाला पानीगर ने अभियुक्त रमेश चंद्र ब्राह्मण को दोषी करार देते हुए भादसं की धारा 302 में आजीवन कारावास व 5 हजार रुपए जुर्माना, 394, 397 व 201 में सात-सात वर्ष का कठोर कारावास व पांच पांच हजार रुपए प्रत्येक धारा में जुर्माने की सजा सुनाई।

By Udaipurviews

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