जल सहित 11 व्यंजनों से ज्यादा न हो सहभोज में – सुशील महाराज -सनातनी चातुर्मास में आस्था के साथ सामाजिक सरोकारों पर हो रही चर्चा
उदयपुर, 16 अगस्त। अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास सुशील महाराज ने शिव विवाह के प्रसंग चर्चा पर आज हो रहे विवाह में आडंबर और दिखावे को समाप्त करते हुए आह्वान किया है कि किसी भी तरह सहभोज में जल सहित 11 से ज्यादा व्यंजन नहीं होने चाहिए। जब यह जागरूकता समाज के हर वर्ग में आ जाएगी तब सामाजिक समानता का ताना-बाना और भी सशक्त हो जाएगा। उदयपुर के बड़बड़ेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में सनातनी चातुर्मास के तहत चल रही महा शिव पुराण कथा में आध्यात्म और भक्ति के साथ सामाजिक सरोकारों पर भी चर्चा हो रही है।

उन्होंने सामाजिक समानता पर चर्चा करते हुए अनर्गल दिखावे वाले खर्चों पर लगाम लगाने के लिए संकल्पबद्ध होने की जरूरत बताई। उन्होंने आगे कहा कि बिना निमंत्रण के कहीं नहीं जाना चाहिए। कथा व्यास सुशील व्यास ने कहा कि आज की पीढ़ी में धैर्य की कमी होती जा रही है। जरा सी प्रतीक्षा भी किसी को बर्दाश्त नहीं होती। उन्होंने कहा कि शबरी ने 10 हजार वर्ष प्रतीक्षा की तब भगवान के दर्षन हुए। कथा व्यास ने कहा कि भगवान की प्रतीक्षा करनी चाहिए, परीक्षा नहीं। प्रतीक्षा का फल मिठास भरा होता है और परीक्षा में वही स्थिति होती है जो सती माता की हुई थी तथा समीक्षा में वह स्तिथि होती है जो शूर्पणखा की हुई थी। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार देने की जिम्मेदारी माता-पिता की ही होती है। माता-पिता बच्चे के पहले गुरु होते हैं। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि वे हिन्दू संस्कृति के विविध संस्कारों को पूर्ण रूप से विधिवत कराएं। मुहूर्त का भी ध्यान रखें। भारतीय ज्योतिषीय गणना सटीक और वैज्ञानिक है। हमें अपने इस ज्ञान पर गर्व करने के साथ इसका अनुसरण भी करना चाहिए। मीडिया संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी दिगम्बर खुशाल भारती महाराज से आशीर्वाद लेने पहुंचे। उन्होंने महाराज से समाज में आस्था की प्रभावना को लेकर चर्चा भी की। महा शिव पुराण कथा 21 अगस्त तक चलेगी।
