कलक्टर पोसवाल की विकास कार्यों के प्रति गंभीरता
वेस्ट ट्रीटमेंट, पेयजल सप्लाई, सिवरेज, पार्किंग सहित विभिन्न कार्यों का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान मौके पर ही अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
उदयपुर 30 जुलाई। जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल रविवार को एक्शन मोड में दिखे। रविवार अवकाश के बावजूद जिला कलक्टर पोसवाल ने सुबह से दोपहर तक निरंतर शहर का भ्रमण पर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पूर्ण हुए एवं वर्तमान में जारी विभिन्न विकास कार्यों को देखा। इस दौरान उन्होंने बारीकी से कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
वेस्ट मैनेजमेंट, सिवरेज, हेरिटेज संरक्षण सहित विभिन्न कार्यों का किया अवलोकन
जिला कलक्टर सर्वप्रथम कुम्हारों का भट्टा स्थित कचरा संग्रहण ट्रांसफर स्टेशन पहुंचे। यहाँ उन्होंने कचरा प्राप्त करने और उसे वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाने की प्रक्रिया को देखा। स्मार्ट सिटी सीईओ अपर्णा गुप्ता ने उन्हें पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। इसके बाद वे इंदिरा नगर कच्ची बस्ती में सिवरेज के कार्यों को देखने पहुंच गए। यहां तकनीकी कर्मचारियों ने उनसे सिवरेज के कार्य की जानकारी दी और घरों से वेस्ट निकलने और सिवरेज लाइन में मिल कर आगे निस्तारित होने की प्रोसेस का मौके पर ही प्रेजेंटेशन दिया। इसके बाद कलक्टर गोवर्धन सागर पहुंचे जहां उन्होंने नगर निगम द्वारा कराए गए लिंक रोड के कार्य का अवलोकन किया, साथ ही पार्क की व्यवस्थाओं को देखा। यहाँ निरीक्षण के बाद कलक्टर सीधे किशन पोल पहुंचे जहां हेरिटेज संरक्षण को लेकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हुए कार्य एवं फोर्ट वॉल पुनरुद्धार कार्यों को देख सराहना की।
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में देखी पेयजल सप्लाई व्यवस्था
जिला कलक्टर निरीक्षण के दौरान माछला मगरा स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचे। यहाँ एलएनटी के कार्मिकों द्वारा वॉटर ट्रीटमेंट एवं सप्लाई प्रक्रिया की जानकारी कलक्टर को दी गई। कलक्टर ने भी प्री-क्लोरीनेशन, क्लोरीनेशन, स्लज थिकनिंग, बैकवॉटर हैंडलिंग आदि को लेकर समीक्षा की। इसके पश्चात उन्हे एलएनटी की टीम ने प्लांट का विजिट कराया और यहाँ संपादित हो रहे कार्यों की जानकारी दी। नगर निगम के एसई मुकेश पुजारी ने उन्हें बताया कि यहाँ से वॉल सिटी में पेयजल सप्लाई हो रही है। कलक्टर ने शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से विस्तार में चर्चा भी की। अंत में कलक्टर आरएमबी कॉलेज के सामने निर्मित गुलाब बाग पार्किंग को देखने पहुंचे और दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्मार्ट सिटी सीईओ अपर्णा गुप्ता, एसीईओ प्रदीप सिंह सांगावत, निगम एसई मुकेश पुजारी सहित निगम एवं स्मार्ट सिटी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कलक्टर ने बैठक लेकर की स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा, जनहित हो सर्वोपरि, सभी काम शीघ्र पूरे हों -कलक्टर
806 करोड़ के कार्य हुए पूर्ण
सीईओ ने कलक्टर को बताया कि शहर में स्मार्ट सिटी के 806 करोड़ रुपए लागत के 106 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 5 कार्य जारी हैं। उन्होंने इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, हेरिटेज संरक्षण, अमृत फेज़-2, स्कूल एवं आंगनवाड़ी पुनर्विकास, पार्किंग एवं जंक्शन सुधार, पब्लिक साइकिल शेयरिंग ऑप्शन, ठोस कचरा प्रबंधन, वेस्ट रिसाइकलिंग संबंधी कार्यों को साझा किया। इसके अलावा शहर में हुए सिवरेज के कार्य की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अब तक सेक्टर वाइज़ खर्च हुए बजट की जानकारी भी प्रस्तुत की। इसके अलावा ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्बन ट्रांसपोर्टेशन आदि को लेकर भी तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रिहेबीलिटेशन कार्य, एमबी हॉस्पिटल में एसटीपी निर्माण, कलेक्ट्रेट बिल्डिंग रिनोवेशन, लेबलिंग आदि कार्यों की प्रगति भी बताई।
उदयपुर स्मार्ट सिटी को बनाएं देश में नंबर वन -कलक्टर
सीईओ ने फोर्ट वॉल पर हुए हेरिटेज संरक्षण कार्य भी साझा किए। सीईओ गुप्ता ने बताया कि हेरिटेज संरक्षण कार्य के लिए उदयपुर स्मार्ट सिटी को हुडको डिजाइन अवार्ड 2021-22 मिल चुका है। इसके अलावा उदयपुर स्मार्ट सिटी अभी देशभर में सातवें स्थान पर है जिसे पहले स्थान पर लाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। बैठक के अंत में कलक्टर ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत जारी सभी कार्य समय पर पूरे हों जिससे आमजन को राहत मिल सके। उन्होंने शहर में हुए कार्यों को सराहा और पूरी लग्न के साथ निरंतर कार्य करते रहने की बात कही। बैठक के पश्चात कलक्टर ने स्मार्ट सिटी कार्यालय का निरीक्षण पर विभिन्न प्रभागों में जाकर काम-काज भी देखा।
