विभाग बोला-अनुमति के बिना लगाए
उदयपुर, 6 जुलाई । शहर के 400 साल पुराने ऐतिहासिक जगदीश मंदिर में छोटे कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों के प्रवेश पर रोक के पोस्टर गुरुवार को देवस्थान विभाग ने हटवा दिए। इससे पहले विभागीय टीम ने मंदिर का दौरा किया।
विभाग के संयुक्त निदेशक जतिन गांधी ने बताया कि पोस्टर लगाने से पहले अनुमति नहीं ली गई . इसके चलते पोस्टर हटाए गए हैं ।
गांधी का कहना है कि प्रदेश में करीब 700 मंदिर विभाग द्वारा नियंत्रित और संरक्षित है। हमारे द्वारा जगदीश मंदिर के लिए ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया। बिना अनुमति के जगदीश मंदिर में लगे पोस्टर-बैनर हमने हटवाए। भक्त स्वेच्छा से मर्यादित कपड़ों में आ सकते हैं लेकिन उन पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते।
इधर, मंदिर के पुजारियों का कहना है कि पोस्टर-बैनर लगाए थे लेकिन मंदिर में छोटे कपड़े पहनकर आने वालों पर कोई प्रतिबंध नही लगाया था। मंदिर मंडल द्वारा लोगों से सनातन संस्कृति और मान मर्यादा को ध्यान में रखते हुए एक अपील की गई थी।
इस बील, विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय पदाधिकारी जगदीश मंदिर में हटाए गए पोस्टर-बैनर वापस लगाने पर अड़ गए हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि जल्द ही देवस्थान विभाग ने मंदिर में वापस पोस्टर नहीं लगाए तो परिषद अपने स्तर पर ये पोस्टर-बैनर फिर से लगाएगी।
ये है मामला
उल्लेखनीय है कि उदयपुर के ऐतिहासिक जगदीश मंदिर परिसर में हाल ही पोस्टर-बैनर लगाए गए थे। जिनमें लिखा था कि शॉर्ट टी शर्ट, शॉर्ट जींस, बरमुडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट जैसी ड्रेस पहनकर कोई मंदिर आता है तो उसे एंट्री नहीं मिलेगी। हालांकि फिलहाल इसे सख्ती से लागू नहीं किया गया था। मंदिर देवस्थान विभाग के अधीन है और जब विभाग को इस बात का पता लगा तो उनकी टीम गुरुवार सुबह मंदिर पहुंची और मंदिर में लगे सभी पोस्टर-बैनर हटवा दिए।
