भीलवाड़ा के अक्षत जैन ने सी.बी.एस.ई. 10 वीं बोर्ड परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर किया जिले का नाम रोशन

भीलवाडा, 15 मई। भीलवाड़ा के छाजेड़ परिवार के श्री अक्षत जैन ने सी.बी.एस.ई. 10 वीं बोर्ड परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर बने चित्तौड़गढ़ जिले के टोपर के साथ ही राज्य स्तर पर भी नाम रोशन किया है। अक्षत अपने पिता श्री नितिन जैन जो की वडर सीमेंट लि. निम्बाहेड़ा के यूनिट हेड है तथा माता श्रीमती अरुणा जैन के साथ रहकर पाटनी पब्लिक स्कूल, वंडर सीमेंट लि., में अध्ययनरत है।

श्री अक्षत के दादा श्री राजेन्द्र छाजेड़ एवं दादी श्रीमती जतन देवी भीलवाड़ा में निवासरत है। सी.बी.एस.ई. 10वी बोर्ड परीक्षा परिणाम आते ही निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ एवं भीलवाड़ा में भी खुशी की लहर छा गई और परिवार के सदस्यों ने अक्षत का मुह मीठा कराकर उसे आशिर्वाद दिया तथा उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

उल्लेखनीय है कि अक्षत के पिता श्री जैन भी छात्र जीवन में मेधावी रहे है, वर्ष 1991 राजस्थान बोर्ड की कक्षा 12वी में संभाग स्तर पर प्रथम तथा राज्य स्तर पर 5वां स्थान प्राप्त करते हुए प्रदेश की वरीयता सूची में रजत पदक के साथ अपना नाम दर्ज करा भीलवाड़ा जिले का मान बढ़ा चुके है। श्री जैन वर्ष 1994 में माणिक्यलाल वर्मा कॉलेज, भीलवाड़ा से स्नातक स्तर पर भी प्रथम रैंक हासिल करते हुए गोल्ड मेडल से सम्मानित हुए।

वंडर सीमेंट लि. निम्बाहेडा में स्थित पाटनी पब्लिक स्कूल निरन्तर कक्षा 10वीं तथा 12वीं बोर्ड में सभी छात्रों द्वारा शत प्रतिशत परिणाम देने वाला संभाग स्तर का सर्वश्रेष्ठ विद्यालय है साथ ही लगातार दूसरी बार विद्यालय से छात्र सी.बी.एस.ई. 10वी बोर्ड परीक्षा में टॉपर रहे हैं। इस विद्यालय में अध्यनरत विद्यार्थियों ने शैक्षणिक एवं सह शैक्षणिक गतिविधियों में अपने विद्यालय का परचम जिला. संभाग, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक लहराया है, विद्यालय के 12वी कोमर्स में अध्ययनरत समस्त विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए है. स्कूल में उच्च तकनीक से पर्याप्त आकार के डिजिटल क्लासरुम निर्मित है, जिनमें शिक्षण को रोचक एवं आसान किया जाता है। साथ ही कक्षा में शिक्षक एवं छात्र अनुपात भी तय मानक में रहता है जो कि शिक्षक की पहुंच हर विद्यार्थी तक सुनिश्चित करता है। जिसके परिणाम स्वरूप इस वर्ष के सी.बी.एस.ई. 12 वीं बोर्ड परीक्षा में ग्रामीण अंचल के आर.बी.एस.ई. पैटर्न से उत्तीर्ण विद्यार्थी भी शिक्षण नये प्रारूप को आसानी से आत्मसात कर पाते हैं।

विद्यालय में अध्ययन के दौरान विद्यार्थियों के साथ गतिविधि आधारित शिक्षण प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाता जाता है जिससे छात्र ठोस ज्ञान में सिद्धांतों को सरल तरीके से समझ कर सीखते है जो की खासकर वाणिज्य संकाय में अध्यनरत विद्यार्थियों हेतु महत्वपूर्ण है।

By Udaipurviews

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