लेकसिटी की तीन प्रमुख झीलों पर सतत जल गुणवत्ता मापक उपकरण लगाने पर हुई बैठक

स्वच्छ व सुंदर झीलों के लिए कलक्टर की पहल
-राजेश वर्मा
उदयपुर, 25 अप्रेल। संपूर्ण विश्व में अपनी झीलों के लिए शुमार लेकसिटी उदयपुर की शान फतहसागर, पीछोला और उदयसागर झील को स्वच्छ व संुदर बनाए रखने के लिए जिला कलक्टर ताराचंद मीणा की प्रतिबद्धता पर झीलों के पानी की गुणवत्ता को दर्शाने के लिए उपकरण स्थापित करने की कवायद प्रारंभ कर दी गई है। इस संबंध में मंगलवार को जिला कलक्टर की अध्यक्षता में संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक में लगाए जाने वाले उपकरण संबंधित प्रस्तुतिकरण दिया गया।
कलक्टर मीणा ने बताया कि उदयपुर में झीलों की सतत् जल गुणवता जांच व जनचेतना के लिए फतहसागर, पीछोला एवं उदयसागर झीलों में फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म में सेंसर लगाया जाएगा ताकि चौबीस घण्टे जल की गुणवता की जांच की जा सके एवं डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से लोगों को इसकी जानकारी मिल सके। कलक्टर ने कहा कि यह राजस्थान के लिये एक नवाचार होगा और विश्व प्रसिद्ध झीलों की नगरी उदयपुर के लिये एक नया आयाम स्थापित करेगा। बैठक दौरान एडीएम प्रशासन ओ.पी.बुनकर, जिला परिषद सीईओ मयंक मनीष व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों, स्मार्ट सिटी एवं प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अधिकारियों के समक्ष श्री टेक प्राईवेट लिमिटेड तथा मै.एक्सिस नेनो द्वारा प्रजेन्टेशन दिया गया।

यह विशेषताएं हांेगी इस उपकरण की:
इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शरद सक्सेना ने बताया कि इस यंत्र की विशेषता यह है कि यह सभी स्टेशन चलित प्रकार के होगें ताकि झील के किसी भी स्थान से जल की गुणवत्ता की जांच हो सके। डिस्प्ले बोर्ड में जल की गुणवता के अनुसार झील का पानी किसी भी स्थान पर नहाने व पीने योग्य है या नहीं, इसकी जानकारी आम आदमी को उपलब्ध हो सकेगी। इसकी महत्वपूर्ण बात यह है कि इस डिस्प्ले बोर्ड को सर्वर से जोड़कर जल की गुणवत्ता रिपोर्ट को मोबाईल पर एप द्वारा विश्लेषण किया जा सकेगा। झील के किसी भी स्थान पर उच्चिष्ठ-अपशिष्ठ जल से होने वाले प्रदूषण को भी मापा जा सकेगा।

फ्लोटिंग स्ट्रक्चर पर बिना बिजली के चलेगा उपकरण:
मै.एक्सिस नेनो कंपनी प्रतिनिधि तुषार अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में इस प्रकार के मॉनिटरिंग स्टेशन गंगा नदी पर 33, यमुना नदी पर 10 तथा कर्नाटका में बेलान्दूर, वरतु तथा आगरा झीलों में स्थापित है। यह स्टेशन बिना किसी बिजली के स्वचलित होगा। यह मॉनिटरिंग स्टेशन फ्लोटिंग स्ट्रक्चर पर सोलर पैनल के साथ स्थापित किये जायेगें जो किसी भी प्रकार के जल प्रदूषण को मॉनिटर कर सकेंगे।

पर्यटन सिटी का बढ़ेगा गौरव:
कलक्टर मीणा ने कहा कि पर्यटन सिटी उदयपुर का गौरव शहर की प्रदूषणमुक्त झीलों से है और यदि यह झीलें प्रदूषित होंगी तो यहां पर्यटक नहीं आएंगे और यहां के लोगों की आजीविका भी प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली पीढि़यों के लिए भी स्वच्छ व सुंदर झीलें देनी है तो हमें इन झीलों को प्रदूषण से मुक्त रखना होगा। उन्होंने कहा कि झीलों के पानी को प्रदूषणमुक्त रखकर झील में पाए जाने वाले जीवों की रक्षा हो सकेगी और झीलों के निर्मल पानी के रूप में शहरवासियों को शुद्ध पेयजल की सौगात मिल सकेगी।

By Udaipurviews

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