अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘सशक्त महिला – सशक्त देश’ विषय पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् द्वारा कार्यक्रम आयोजित
भारतीय सनातन ज्ञान स्त्री शक्ति को न केवल गृहिणी के रूप में बल्कि विद्वान् के रूप में श्रेष्ठ देखता है – सीमा कुमावत
उदयपुर 09 मार्च। नारी एक ऐसी शक्ति है जिसे आगे बढ़ाने पर शिव की प्राप्ति स्वतः ही हो जाती है। स्त्री को अबला नहीं, केवल सबला भी नहीं बल्कि सृष्टि की मूल ऊर्जा मानकर ऐसी ही शक्ति समझनी चाहिए। उक्त पंक्तियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से केन्द्रीय विद्यालय, एकलिंगगढ़ छावनी में आयोजित ‘सशक्त महिला – सशक्त देश’ विषयक कार्यक्रम में मीरा कन्या महाविद्यालय की छात्रसंघ उपाध्यक्ष मुमुक्षा शर्मा ने स्त्री शक्ति के बारे में अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का आयोजन हिमाक्षी छतलानी, अश्लेशा छतलानी, सुरेश वालिया, राहुल गुर्जर ने किया।
कार्यक्रम की आयोजन सचिव हिमाक्षी छतलानी ने बताया कि इस कार्यक्रम में शहर की कई प्रतिभाओं ने भाग लिया और नृत्य, कविता पाठ, भाषण आदि के द्वारा अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में सीमा कुमावत का सम्मान भी किया गया।
अध्यक्षता करते हुए सीमा कुमावत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की सार्थकता तभी संभव होगी जबकि छोटे-छोटे प्रयास करें और उन्हें पूर्णता प्रदान करें। उन्होंने बताया कि हमें अपने भारतीय सनातन विद्या एवं वैदिक ज्ञान को अपनाकर पुनः उस प्रकृति की ओर लौटना होगा जिसमें महिला को न केवल गृहिणी के रूप में बल्कि विद्वान् के रूप में श्रेष्ठ स्थान पर देखा जाता रहा है।
इस मौके पर प्रियांशी कुकरेजा, भव्य राव, रिद्धि, मानसी चौहान, मनीष चौबीसा ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
धन्यवाद हिमाक्षी छतलानी ने ज्ञापित किया जबकि संचालन अश्लेशा छतलानी ने किया।
यदि हम शक्ति को आगे बढ़ाएंगे तो शिव भी मिल जाएंगे – मुमुक्षा शर्मा
