गुरुपुष्कर जन्म जयन्ती सप्ताह के अंतर्गत आज मनाया गया जाप दिवस
उदयपुर। मानव मन हमेशा कुछ पाने की इच्छा रखता है और इसके लिए जीवन भर प्रयासरत रहता है। लेकिन वह उन भौतिक संसाधनों और पदार्थों को ही एकत्रित करता रहता है। जीवन केवल सांसारिक पदार्थों के लिए ही नहीं है, बल्कि व्यक्ति के आचार-विचार भी उत्तम होने चाहिए। लौकिक जीवन के साथ पारलौकिक तत्वों और श्रेष्ठ आचरण की भी आवश्यकता है।
प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब कोई यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान जाता है तो मार्ग में कष्ट न हो, इसके लिए अपने साथ कुछ वस्तुएं व धन लेकर चलता है। ठीक इसी प्रकार हमें भी एक दिन परलोक की यात्रा पर जाना है, जिसके लिए हमें अपने साथ सद्गुणों को लेकर चलना होगा। धन, पद और प्रतिष्ठा क्षणभंगुर हैं, जबकि सत्य, शील और संतोष ही आत्मा के वास्तविक स्वभाव हैं। उन्होंने गुरु के उपकारों का स्मरण करते हुए उनके बताए सत्य व संयम के मार्ग पर चलने तथा दुराचार व अवगुणों को त्यागकर सदाचार अपनाने का आह्वान किया।
गुरुपुष्कर जन्म जयन्ती सप्ताह के अंतर्गत साहित्यकार डॉ. सुरेंद्र मुनि ने षष्टम दिवस भक्तामर अनुष्ठान के साथ विशेष विधि पूर्वक णमोकार महामंत्र के बीज मंत्र श्ॐ असिआउसा नमःश् का सामूहिक जाप कराया जिससे उपस्थित जन समूह में सभी ने अपने भीतर अनंत ऊर्जा का प्रवाहन महसूस किया। इस अवसर पर विदुषी साध्वी डॉ. दिव्यप्रभा की शिष्या साध्वी आर्या ने सुंदर गीतिका प्रस्तुत की।
सभा में उपाध्याय रमेश मुनि एवं दीपेश मुनि द्वारा मंगल भाव व्यक्त किए गए। श्रावक संघ की ओर से आभार ज्ञापित कर छत्तीसगढ़ और गुजरात से पधारे अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन किया गया।
कल 24 अक्टूबर को आयोजित होगा विशाल अन्नभंडारा-कल 24 अक्टूबर को प्रातः 11बजे गुरु पुष्कर जयन्ती के उपलक्ष्य में सप्तम दिवस को भुवाणा मेन रोड पर जैनाचार्य देवेन्द्र महिला संस्थान द्वारा विशाल अन्नभंडारा का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन पूर्व महापौर श्रीमती रजनी डांगी एवं पूर्व जिला प्रमुख मधु मेहता द्वारा किया जाएगा।
जीवन में आचार-विचार श्रेष्ठ रखेंःप्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि
