उदयपुर, 23 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शासन सचिव, जल शक्ति विभाग, अभिषेक जैन के नेतृत्व में राजस्थान के अध्ययन भ्रमण पर आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उदयपुर में देवास प्रथम एवं द्वितीय परियोजना, आकोदड़ा बांध तथा देवास तृतीय एवं चतुर्थ परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सुरंग कार्य का निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल में अतिरिक्त सचिव, तीन मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने उदयपुर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल से भी शिष्टाचार भेंट की तथा अध्ययन भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभव साझा किए। इस दौरान उदयपुर जिला कलक्टर द्वारा विस्तार से उदयपुर की कुशल जल प्रबधंन प्रणाली के बारे में बताया गया।
प्रतिनिधिमंडल के आगमन पर जल संसाधन विभाग की ओर से अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं नोडल अधिकारी बिरेंद्र सिंह सागर अधीक्षण अभियंता मनोज जैन द्वारा प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल को देवास परियोजनाओं की कार्यप्रणाली, जल संग्रहण एवं हस्तांतरण व्यवस्था तथा उदयपुर की विभिन्न झीलों एवं बांधों की परस्पर कनेक्टिविटी के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने मदार, छोटा मदार एवं नांदेश्वर चौनल, देवास सुरंग तथा संबंधित जल संरचनाओं के माध्यम से पिछोला, फतेहसागर एवं उदयसागर सहित विभिन्न जलाशयों में जल के प्रवाह एवं उपयोग की व्यवस्था का अवलोकन किया। इस समन्वित प्रणाली से उपलब्ध जल का प्रभावी उपयोग करने तथा उदयपुर की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिलती है।
प्रतिनिधिमंडल ने देवास तृतीय एवं चतुर्थ परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सुरंग कार्य का भी निरीक्षण किया तथा निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया एवं प्रगति की जानकारी प्राप्त की। परियोजनाओं के पूर्ण होने के उपरांत आवश्यकता के अनुसार लगभग 1,000 एमसीएफटी जल पिछोला झील में हस्तांतरित किए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था से भी अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के स्वचालित फिल्ट्रेशन प्लांट का निरीक्षण किया। प्लांट का संचालन एलएंडटी द्वारा विभाग की निगरानी में किया जा रहा है। अधिकारियों ने जल शोधन प्रक्रिया, स्वचालित संचालन प्रणाली एवं विभिन्न तकनीकी घटकों की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया।
प्रमुख शासन सचिव अभिषेक जैन ने उदयपुर की जल संरक्षण एवं जल संसाधन प्रबंधन व्यवस्था की सराहना करते हुए अध्ययन भ्रमण को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान प्राप्त तकनीकी जानकारी एवं व्यावहारिक अनुभव हिमाचल प्रदेश में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने राजस्थान में प्रतिनिधिमंडल के आतिथ्य एवं स्वागत के लिए आभार भी व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने देवास परियोजना, झीलों की परस्पर कनेक्टिविटी तथा स्वचालित जल शोधन प्रणाली के निरीक्षण पर संतोष व्यक्त किया और जल संरक्षण एवं उपलब्ध जल के समुचित उपयोग के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल द्वारा उदयपुर के विभिन्न प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी अवलोकन किया गया। जिले के नैसर्गिक सौंदर्य, सुरम्य झीलों एवं मनोहारी प्राकृतिक परिवेश को देखकर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अभिभूत हो गए तथा उन्होंने उदयपुर की प्राकृतिक सुंदरता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
हिमाचल प्रदेश के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने देवास परियोजना एवं उदयपुर की जल प्रबंधन प्रणाली का किया अवलोकन
