उदयपुर, 22 अक्टूबर 2026। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर में विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस एवं दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन की तैयारियों को लेकर आज विश्वविद्यालय सभागार में बैठक आयोजित की गई। विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस 1 नवंबर 2026 तथा दीक्षांत समारोह 22 दिसंबर 2026 को आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।
बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के कर्मचारी परिषद के सदस्यों एवं कर्मचारियों ने माननीय कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह को उनके एक वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी। इस अवसर पर कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में विश्वविद्यालय द्वारा किए गए प्रमुख कार्यों, उपलब्धियों एवं विकासात्मक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की।
कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा तीन प्रमुख राज्यों के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों की तीन दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025 के दीक्षांत समारोह के आयोजन, विश्वविद्यालय की बजट योजना तथा सरकारी पोर्टल एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (IFMS) 3.0 के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए। विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही, जोन 4(a) एवं 4(b) की खरीफ एवं रबी फसलों से संबंधित क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रसार सलाहकार समिति की बैठकों का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न कृषि तकनीकों एवं प्राप्त पेटेंट पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के तीन वैज्ञानिकों का नाम विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुआ है। इस उपलब्धि की माननीय कुलाधिपति श्री हरिभाऊ किशनराव बागड़े द्वारा भी सराहना की गई। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में नॉर्थ-वेस्ट एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन किया गया, जिसकी माननीय कुलाधिपति ने प्रशंसा की।
कुलगुरु ने राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में युवाओं को नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने के लिए आयोजित कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल के अनुरूप युवा-केंद्रित नशामुक्ति गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार सरकार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने विश्वविद्यालय में संचालित अनुसंधान कार्यों की सराहना की है।
बैठक में विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक श्री महेंद्र कुमार सीमार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन भुगतान आदेश, विभिन्न परियोजनाओं तथा विश्वविद्यालय के ऑडिट एवं अनुपालन संबंधी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की जानकारी साझा की। विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने भी बैठक में सहभागिता की।
कुलगुरु ने बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय को सोयाबीन एवं चारा अनुसंधान के क्षेत्र में दो नए वॉलंटरी सेंटर प्राप्त हुए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से दलहनी फसलों एवं चारा उत्पादन के क्षेत्र में अनुसंधान गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। इससे कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों के विकास एवं उनके प्रसार के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने में सहायता मिलेगी।
बैठक के अंत में कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने कर्मचारियों से संबंधित पेंशन, करियर एडवांसमेंट स्कीम एवं भर्ती से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य करते हुए कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में निदेशक अनुसंधान डॉ. मनोज महला, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर.एल. सोनी, राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर से डॉ. लोकेश गुप्ता, कॉलेज ऑफ डेयरी एवं फूड टेक्नोलॉजी से डॉ. सिद्धार्थ मिश्रा, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, डूंगरपुर से डॉ. आर.पी. मीणा, निदेशक डीपीएम एवं एचआरडी डॉ. राजश्री उपाध्याय, कॉलेज ऑफ फिशरीज से डॉ. एल.एन. महावर, कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग, उदयपुर के अधिष्ठाता डॉ. विनोद यादव सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारी, कर्मचारी परिषद के सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस एवं दीक्षांत समारोह को गरिमामय, सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियों, विभिन्न व्यवस्थाओं तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
