देवेन्द्र धाम में धर्मसभा; गुरु गणेश दीक्षा जयन्ती पर हुआ भक्तामर अनुष्ठान
उदयपुर। देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि जीने के लिए सांसों और जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास की नितांत आवश्यकता है। किसी भी परिस्थिति में हमें अपना आत्मविश्वास नहीं खोना चाहिए; बिना आत्मविश्वास के व्यक्ति जिंदा होकर भी मुर्दे के समान होता है। दुनिया में जिन लोगों ने भी ऊंचाइयों और उपलब्धियों को प्राप्त किया है, वे सभी आत्मविश्वासी थे।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी ऊंची सोच और कड़ी मेहनत के दम पर फर्श से अर्श तक पहुंच सकता है। श्रम हमेशा रंग लाता है। इसी आत्मविश्वास और परिश्रम के चलते एक साधारण अखबार या चाय बेचने वाला व्यक्ति भी देश का प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बन जाता है। आत्मविश्वास वह चाबी है जो भाग्य के बंद तालों को खोल देती है, इसलिए हमें मजबूरी नहीं बल्कि मजबूती को कायम रखना चाहिए।
सभा में गुरु गणेश दीक्षा जयन्ती के प्रसंग पर प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि ने उनके विराट व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु पुष्कर के शिष्य बनकर उन्होंने पूरे भारतवर्ष में भ्रमण करते हुए भगवान महावीर के सिद्धांतों का घर-घर प्रचार-प्रसार किया। मुनि जी ने श्श्रीपाल रासश् का वर्णन करते हुए उनके अनंत गुणों, नवकार महामंत्र तथा आयाम्बिल तप की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में विधि-विधान के साथ भक्तामर अनुष्ठान सम्पन्न कराया गया। इसके पश्चात समाज की ओर से समाजसेवियों का स्वागत व आभार व्यक्त किया गया। धर्मसभा में जानकारी दी गई कि 22 अक्टूबर को गुरु पुष्कर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया जाएगा।
आत्मविश्वास ही सच्चा धन हैःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
