उदयपुर, 16 अक्टूबर। दी उदयपुर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के 24वें वैधानिक निरीक्षण की समीक्षा बैठक शुक्रवार बैंक के प्रशासक एवं उदयपुर के जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट कक्ष में हुई। बैठक में नाबार्ड की महाप्रबन्धक श्रीमती उर्वशी गर्ग, मुख्य निरीक्षण अधिकारी महेन्द्र डूडी, जिला विकास प्रबन्धक नीरज यादव, सीसीबी के प्रबन्ध निदेशक आशुतोष भट्ट, सहायक प्रबन्धक श्रीमती विनिता सहित बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वित्तीय पैरामीटर्स और प्रदर्शन पर चर्चा
बैठक के दौरान नाबार्ड के मुख्य निरीक्षण अधिकारी श्री डूडी ने वर्ष 2025-26 के आधार पर बैंक के विभिन्न वित्तीय मानकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने निरीक्षण अवधि के दौरान बैंक की शेयर पूँजी, पूँजी पर्याप्तता अनुपात, जमाओं (डिपॉजिट) और ऋण (लोन) में पिछले वर्षों की तुलना में आए बदलावों की विस्तृत जानकारी दी।
आधुनिक बैंकिंग तकनीक को अपनाने पर जोर
जिला कलक्टर एवं बैंक प्रशासक श्री अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान सामने आईं कमियों को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक का व्यवसाय बढ़ाने के लिए ऋण विविधिकरण पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने बैंक प्रबंधन को आधुनिक बैंकिंग तकनीक को कार्यप्रणाली में अधिक से अधिक शामिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
सरकारी योजनाओं से साख मजबूत करने का सुझाव
नाबार्ड की महाप्रबन्धक श्रीमती गर्ग ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में सहकारी बैंकों और ग्राम सेवा सहकारी समितियों को वित्तीय रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी है। उन्होंने भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर आम जनता के बीच बैंक की साख को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक श्री यादव ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न ऋण योजनाओं को अपनाने तथा बैंक की अमानतों (डिपॉजिट) में वृद्धि करने का सुझाव दिया।
कमियों को दूर करने का आश्वासन
बैठक के समापन पर बैंक के प्रबन्ध निदेशक श्री भट्ट ने आश्वस्त किया कि बैठक में मिले सभी महत्वपूर्ण सुझावों को जल्द ही अमल में लाया जाएगा। उन्होंने निरीक्षण के दौरान सामने आए सभी आक्षेपों (ऑब्जेक्शन्स) की वास्तविक अनुपालना करने का भरोसा दिया ।
