75 वर्ष से अधिक आयु के 13 वरिष्ठजन,18 मेधावी छात्र- छात्राये ,57 भामाशाह, 12 विशिष्ट सम्मान एवं 20 विशेष सेवा सम्मान प्रदान किए गए |
उदयपुर।दिनांक 14 अक्टूबर 2026 | श्री चित्रगुप्त सभा, माथुर समाज, की ओर से स्थापना दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह सेक्टर-4 स्थित समाज भवन परिसर में हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया।
समारोह में समाज के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई। इसके अतिरिक्त स्नातकोत्तर समकक्ष एवं उच्च शिक्षा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले पांच विद्यार्थियों तथा जिला, राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और समाज के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।
विद्यार्थियों को अधिक मेहनत करने के लिए किया प्रेरित
समारोह के मुख्य अतिथि जोधपुर के प्रख्यात शिक्षाविद् संस्थापक चेयरमैन सर प्रताप विधि महाविद्यालय के गिरीश माथुर ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन और लगन के साथ अध्ययन कर जीवन में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उदयपुर के माथुर समाज के विद्यार्थियों द्वारा अच्छे प्रतिशत के साथ परीक्षा उत्तीर्ण करने पर प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
सभा अध्यक्ष भुवनेश्वर माथुर ने विशिष्ट अतिथि भानू प्रकाश माथुर ,भटनागर सभा अध्यक्ष भानु भटनागर, डॉ तरुण सक्सेना ,मनीष सक्सेना,आशीष सहीवाला सहित अन्य अतिथियों का पगड़ी एवं उपरणा पहनाकर स्वागत किया।
समाज भवन में हुए विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए सभा अध्यक्ष भुवनेश्वर माथुर ने कहा की वर्ष 2026 में सभा की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में लगभग दस वर्षों बाद समाज के परिवारों को डिजिटल माध्यम से जोड़कर पारिवारिक निर्देशिका का विधिवत विमोचन करा वितरित की गयी | इसमें लगभग 140 नए आजीवन सदस्यों को भी शामिल किया गया। इससे उपलब्धि से समाजजन के बीच आपसी परिचय और संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। अपने कार्यकाल के दौरान आयोजित विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों तथा समाज भवन में करवाए गए नव निर्माण एवं विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने इन कार्यों को पूरा करने में सहयोग देने वाले भामाशाहों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग मिलने की आशा जताई।
युवाओं से आधुनिक तकनीक, कौशल विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं करियर मार्गदर्शन के माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान किया गया एवं सभी समाजबंधुओं से आपसी मतभेद भुलाकर एकता, सेवा, शिक्षा और संस्कारों के साथ समाज के विकास में योगदान देने का आग्रह किया ।
मुख्या आकर्षण –
इस अवसर पर अतिथियों एवं समाजजनों द्वारा समाज भवन में संपन्न हुए कार्यों का विवरण अंकित करने वाले शिलालेख का भी लोकार्पण किया।
समाजजनों की रही सक्रिय सहभागिता-
समारोह में शक्तिनारायण माथुर , शक्तिप्रकाश माथुर , उपाध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद माथुर ,सांस्कृतिक सचिव योगिता माथुर,डीन डॉ मीरा माथुर,डॉ. सुधा रानी,सुरेश कुमार माथुर , कमला माथुर , कांता माथुर,शीला माथुर,रेणु माथुर, लक्ष्मी माथुर ,अमिता माथुर, दुलारी माथुर, ओमप्रकाश माथुर, प्रेम बिहारी माथुर, अमर माथुर ,महेश माथुर, राजेश नारायण माथुर, शिव नारायण माथुर सहित कार्यकारिणी, मनोनीत सदस्य तथा समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
समरोह में खुशी माथुर ,धर्मिष्ठा माथुर ,देवांशी माथुर एवं रुशाली माथुर द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतिया दी गयी |
समाज के मुख्य सचिव दिनेश माथुर ने सभी का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। समारोह के अंत में स्वरुचि भोज का सभी समाजजन द्वार आनंद लिया गया |
कार्यक्रम का संचालन मूमल माथुर एवं अनुवाक माथुर द्वारा किया।
श्री चित्रगुप्त सभा, माथुर समाज का 32 वां स्थापना दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह हर्षोल्लास से मनाया
